Himachal News: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- हिमाचल में छोटे हवाई अड्डों और हेलीपोर्ट के लिए अलग योजना बनाएं
मुख्यमंत्री सुक्खू ने फरीदाबाद में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में कहा कि राज्य सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने पर काम कर रही है। पढ़ें पूरी खबर...
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राज्य की भौगोलिक स्थिति और पर्यटन क्षमता को देखते हुए हिमाचल में हवाई नेटवर्क के विस्तार की तत्काल आवश्यकता है। यह बात मुख्यमंत्री सुक्खू ने फरीदाबाद में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने पर काम कर रही है। इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार से भूमि अधिग्रहण लागत वहन करने, परियोजना को पूर्ण रूप से वित्त पोषित करने और राज्य में छोटे हवाई अड्डों व हेलीपोर्टों के विकास के लिए अलग मास्टर प्लान तैयार करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने प्रदेश में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम 2012 के कड़ाई से अनुपालन, जीरो-टॉलरेंस नीति और हिमालयी राज्यों में पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छ जल स्रोतों की आवश्यकता पर जोर दिया।
सुक्खू ने केंद्र से पहाड़ी राज्यों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आपदा राहत नियमों की समीक्षा करने, आपदा पूर्व एवं आपदा पश्चात प्रबंधन मानदंडों में संशोधन करने और उत्तर भारत के लिए एक एकीकृत, सतत और परस्पर निर्भर विकास ढांचा तैयार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाएं लगातार बढ़ रही हैं और इससे हर वर्ष भारी नुकसान हो रहा है। ऐसे में हिमालयी राज्यों के लिए विशेष नीति आवश्यक है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि सीमावर्ती और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को सहायता देने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक उच्च ऊंचाई अनुसंधान केंद्र, आइस हॉकी स्टेडियम, साहसिक खेल केंद्र और अन्य प्रशिक्षण सुविधाओं की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने स्पीति के जनजातीय क्षेत्र में राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान स्थापित करने की भी मांग की। मुख्यमंत्री ने भारत-तिब्बत सीमा पर शिपकी-ला से सीमावर्ती पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को साझा किया। शिपकी-ला से पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने की राज्य की मांग दोहराई।
सीएम सुक्खू ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में नशीले पदार्थों के खिलाफ बहुआयामी अभियान चलाया जा रहा है। नशे की लत से पीड़ित लोगों के उपचार और पुनर्वास के लिए भी व्यापक प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की तस्करी से निपटने के लिए राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सूचना साझेदारी की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने शिमला में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप कार्यालय को एकीकृत क्षेत्रीय कार्यालय के रूप में स्तरोन्नत करने और हिमाचल के वन संरक्षण अधिनियम से संबंधित मामलों को शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया। उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिए वन भूमि पर एक बीघा तक आवास निर्माण की अनुमति देने की भी मांग की।