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Chamba News: जिप चुनाव में दांव से विधानसभा की दहलीज पर नजर
Sun, 03 May 2026 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 03 May 2026 10:43 PM IST
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लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर रहे नेता भी मैदान में आजमा रहे अपनी किस्मत
पहले भी जीत चुके हैं बीडीसी-जिप चुनाव, विस तक जाने का सपना रहा था अधूरा
पंकज सलारिया
चंबा। पंचायत चुनावों में एक तरफ युवा उम्मीदवार दावेदारी जता रहे हैं, दूसरी ओर करीब 15 साल से सक्रिय राजनीति से दूर रहे नेता भी विधानसभा चुनावों में उतरने से पहले ग्राउंड पर अपनी पकड़ जांचने की फिराक में हैं।
सक्रिय राजनीति से दूर रहने के कारण विधानसभा जाने की तैयारी से पहले गांव की सरकार में अपनी धाक दिखाने के लिए तैयार हैं। इन नेताओं को जिला परिषद चुनाव में जीत मिलती है तो विधानसभा चुनावों में वे अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर सकते हैं। अगर हार का सामना करना पड़ा तो इसका असर उनके राजनीतिक भविष्य पर भी पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार करीब तीन नेता ऐसे हैं जो इस बार जिला परिषद चुनावों में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। ये नेता पहले भी बीडीसी से लेकर जिला परिषद का चुनाव लड़ चुके हैं। यहां उन्हें जीत मिली है। विधानसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। विधानसभा तक पहुंचने का सपना टूटने के बाद ये नेता सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे। अब जिला परिषद चुनावों में दावेदारी जताकर किस्मत को आजमाने की तैयारी में हैं। कुल मिलाकर यह चुनावों के बाद ही पता चलेगा कि जिला परिषद चुनावों में उतरना उनका फैसला सही था या गलत, यह आगामी कुछ माह में पता चल जाएगा। संवाद
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पहले भी जीत चुके हैं बीडीसी-जिप चुनाव, विस तक जाने का सपना रहा था अधूरा
पंकज सलारिया
चंबा। पंचायत चुनावों में एक तरफ युवा उम्मीदवार दावेदारी जता रहे हैं, दूसरी ओर करीब 15 साल से सक्रिय राजनीति से दूर रहे नेता भी विधानसभा चुनावों में उतरने से पहले ग्राउंड पर अपनी पकड़ जांचने की फिराक में हैं।
सक्रिय राजनीति से दूर रहने के कारण विधानसभा जाने की तैयारी से पहले गांव की सरकार में अपनी धाक दिखाने के लिए तैयार हैं। इन नेताओं को जिला परिषद चुनाव में जीत मिलती है तो विधानसभा चुनावों में वे अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर सकते हैं। अगर हार का सामना करना पड़ा तो इसका असर उनके राजनीतिक भविष्य पर भी पड़ सकता है।
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जानकारी के अनुसार करीब तीन नेता ऐसे हैं जो इस बार जिला परिषद चुनावों में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। ये नेता पहले भी बीडीसी से लेकर जिला परिषद का चुनाव लड़ चुके हैं। यहां उन्हें जीत मिली है। विधानसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। विधानसभा तक पहुंचने का सपना टूटने के बाद ये नेता सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे। अब जिला परिषद चुनावों में दावेदारी जताकर किस्मत को आजमाने की तैयारी में हैं। कुल मिलाकर यह चुनावों के बाद ही पता चलेगा कि जिला परिषद चुनावों में उतरना उनका फैसला सही था या गलत, यह आगामी कुछ माह में पता चल जाएगा। संवाद
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