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Chamba News: पर्ची पर दवा लिखी, सेवन का तरीका बताना भूला स्टाफ

Sun, 13 Sep 2026 10:31 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sun, 13 Sep 2026 10:31 PM IST
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Staff prescribed the medicine on the slip but forgot to explain how to take it.
पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज
आपातकालीन कक्ष में मरीजों को दवा कब और कैसे लेनी है, इसकी जानकारी देने में लापरवाही के आरोप
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तीमारदारों का दावा- डॉक्टर की सलाह पर्ची तक सिमट रही, स्टाफ से नहीं मिलती जरूरी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन कक्ष में मरीजों को त्वरित उपचार देने की व्यवस्था के बीच दवाइयों के सेवन से जुड़ी जानकारी देने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मरीजों और तीमारदारों का आरोप है कि डॉक्टर जांच के बाद पर्ची पर दवाइयां लिख देते हैं, लेकिन कई बार यह स्पष्ट नहीं किया जाता कि दवा कब, कितनी मात्रा में और किस तरह लेनी है। इससे मरीज और तीमारदार असमंजस में पड़ जाते हैं।
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आपातकालीन कक्ष में चिकित्सक मरीज की जांच के बाद आवश्यक दवाइयां लिखते हैं। इसके बाद मरीज को दवा के संबंध में जरूरी निर्देश देना उपचार की अहम कड़ी होती है। आरोप है कि कई मामलों में स्टाफ की ओर से दवा के सेवन का समय, भोजन से पहले या बाद में लेने तथा तत्काल कौन सी दवा लेनी है, इसकी जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं दी जाती। तीमारदारों का कहना है कि स्टाफ नर्सें अपनी आवश्यक एंट्री करने के बाद पर्ची मरीज को लौटा देती हैं और उस पर लिखी दवाइयों के बारे में विस्तार से नहीं समझाया जाता।
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दवा का सही समय, निर्धारित मात्रा और चिकित्सक के निर्देश के अनुसार सेवन उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। खासकर आपातकालीन कक्ष में आने वाले मरीज और उनके परिजन बीमारी और चिंता की स्थिति में होते हैं। ऐसे में दवाइयों के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने पर भ्रम की स्थिति बढ़ सकती है और उपचार प्रभावित होने की आशंका रहती है।
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पर्ची मिली, लेकिन जानकारी नहीं
तीमारदार राज कुमार, हंसराज, केवल, विनोद कुमार, गुरमीत सिंह और जय सिंह ने बताया कि डॉक्टर मरीज को जो परामर्श देते हैं, उसका उल्लेख पर्ची में होता है। ऐसे में संबंधित स्टाफ की जिम्मेदारी है कि मरीज या तीमारदार को दवाइयों के सेवन संबंधी निर्देश भी स्पष्ट रूप से बताए जाएं। उनका आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन कक्ष में यह कमी कई बार देखने को मिलती है।

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पहले भी सामने आ चुकी है समस्या
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि इस तरह की समस्या पहले भी सामने आ चुकी है। आपातकालीन कक्ष के स्टाफ को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो आवश्यकता के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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