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एक महीने बाद खाली हो जाएगा मेडिकल कॉलेज का गायनी विभाग
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा का गायनी विभाग एक महीने के बाद फिर खाली हो जाएगा। इस विभाग में सरकार ने डेपुटेशन पर एक महीने के लिए दो विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाई है। महीने के बाद दोनों विशेषज्ञ अपने मूल स्थान टांडा और आईजीएमसी लौट जाएंगे। इसके बाद जिले की हजारों गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य राम भरोसे हो जाएगा।
मेडिकल कॉलेज से रोजाना प्रसव के ऑपरेशन करवाने के लिए गर्भवती महिलाओं को टांडा रेफर किया जा रहा है। इसे लेकर लोगों में काफी गुस्सा पनप रहा था। इसकी भनक लगते ही सरकार ने यहां डेपुटेशन पर दो विशेषज्ञों की ड्यूटी लगा दी। अब गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए टांडा नहीं भेजा जा रहा है, लेकिन यह व्यवस्था मात्र एक महीने के लिए की गई है। उसके बाद दोबारा से महिलाओं को ऑपरेशन के लिए टांडा रेफर किया जाएगा।
हैैरानी इस बात की है कि यह चुनावी वर्ष है, लेकिन विपक्ष और पक्ष के नेता इस मुद्दे को लेकर मौन धारण कर बैठे हैं। सदर के भाजपा विधायक सरकार से नियमित विशेषज्ञ लाने में नाकाम हो रहे हैं तो वहीं विपक्ष के नेता इस मुद्दे को उछालने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। हाल ही में जब मुख्यमंत्री चंबा आए थे तो किसी भी विपक्षी दल ने इस मुद्दे पर विरोध करने की जहमत नहीं उठाई। इससे यही लगता है कि चंबा में भाजपा और कांग्रेस के नेता आपस में दोस्ताना मैच खेल रहे हैं। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ जाने को तैयार नहीं है।
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-सरकार ने चंबा में डेपुटेेशन पर दो गायनी विशेषज्ञों की एक महीने के लिए ड्यूटी लगाई है। सरकार से यहां नियमित विशेषज्ञ तैनात करने की मांग की गई है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही चंबा में नियमित विशेषज्ञों की तैनाती करेगी।
डॉ. रमेश भारती, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज चंबा
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मेडिकल कॉलेज से रोजाना प्रसव के ऑपरेशन करवाने के लिए गर्भवती महिलाओं को टांडा रेफर किया जा रहा है। इसे लेकर लोगों में काफी गुस्सा पनप रहा था। इसकी भनक लगते ही सरकार ने यहां डेपुटेशन पर दो विशेषज्ञों की ड्यूटी लगा दी। अब गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए टांडा नहीं भेजा जा रहा है, लेकिन यह व्यवस्था मात्र एक महीने के लिए की गई है। उसके बाद दोबारा से महिलाओं को ऑपरेशन के लिए टांडा रेफर किया जाएगा।
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हैैरानी इस बात की है कि यह चुनावी वर्ष है, लेकिन विपक्ष और पक्ष के नेता इस मुद्दे को लेकर मौन धारण कर बैठे हैं। सदर के भाजपा विधायक सरकार से नियमित विशेषज्ञ लाने में नाकाम हो रहे हैं तो वहीं विपक्ष के नेता इस मुद्दे को उछालने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। हाल ही में जब मुख्यमंत्री चंबा आए थे तो किसी भी विपक्षी दल ने इस मुद्दे पर विरोध करने की जहमत नहीं उठाई। इससे यही लगता है कि चंबा में भाजपा और कांग्रेस के नेता आपस में दोस्ताना मैच खेल रहे हैं। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ जाने को तैयार नहीं है।
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-सरकार ने चंबा में डेपुटेेशन पर दो गायनी विशेषज्ञों की एक महीने के लिए ड्यूटी लगाई है। सरकार से यहां नियमित विशेषज्ञ तैनात करने की मांग की गई है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही चंबा में नियमित विशेषज्ञों की तैनाती करेगी।
डॉ. रमेश भारती, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज चंबा