{"_id":"6707fb38f2019eff9101baa9","slug":"when-hanuman-went-to-bring-sanjivani-he-brought-the-entire-mountain-chamba-news-c-88-1-ssml1004-134881-2024-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: संजीवनी लाने गए तो पूरा पहाड़ ही ले आए हनुमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: संजीवनी लाने गए तो पूरा पहाड़ ही ले आए हनुमान
Thu, 10 Oct 2024 09:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 10 Oct 2024 09:35 PM IST
विज्ञापन
चंबा के तेलका में राम लीला मंचन में सुग्रीव और बाली युद्ध के दौरान कलाकार।संवाद
चंबा। ऐतिहासिक चंबा चौगान मैदान स्थित कला केंद्र में चल रहे श्री रामलीला मंचन का आगाज वीरवार को श्री राम लक्ष्मण आरती के साथ हुआ। इसके बाद राम कहानी का पाठ किया गया।
इसके बाद लंका का दृश्य दिखाया गया। जहां अंगद लंका में प्रवेश करते हैं। राक्षसों की सेना अंगद को बंधी बनाकर रावण दरबार में लेकर जाते हैं। अंगद रावण को श्रीराम से माफी मांगने के बारे में कहता है, मगर घमंड में चूर रावण अंगद को दंड देने की कोशिश करता है। अंगद अपना एक पांव धरती पर जमा देता है और रावण की सेना को इस पैर को उठाने की चुनौती देता है। रावण का एक एक महारथी ढेर हो जाता है। इसके बाद श्री राम भगवान रण में प्रवेश करते हैं। यहां युद्ध शुरू होता है। युद्ध के दौरान लक्ष्मण मेघनाद के तीर से मूर्छित हो जाते हैं। इसके बाद हनुमान संजीवनी लेने के लिए हिमालय पर्वत के लिए रवाना होता है। हनुमान पूरा पहाड़ ही उठाकर ले आते हैं। इसी के साथ आठवें दिन का श्री राम लीला मंचन संपन्न होता है। यह जानकारी प्रेस सचिव बोध राज जमदाग्नि ने दी।
--
विज्ञापन
इसके बाद लंका का दृश्य दिखाया गया। जहां अंगद लंका में प्रवेश करते हैं। राक्षसों की सेना अंगद को बंधी बनाकर रावण दरबार में लेकर जाते हैं। अंगद रावण को श्रीराम से माफी मांगने के बारे में कहता है, मगर घमंड में चूर रावण अंगद को दंड देने की कोशिश करता है। अंगद अपना एक पांव धरती पर जमा देता है और रावण की सेना को इस पैर को उठाने की चुनौती देता है। रावण का एक एक महारथी ढेर हो जाता है। इसके बाद श्री राम भगवान रण में प्रवेश करते हैं। यहां युद्ध शुरू होता है। युद्ध के दौरान लक्ष्मण मेघनाद के तीर से मूर्छित हो जाते हैं। इसके बाद हनुमान संजीवनी लेने के लिए हिमालय पर्वत के लिए रवाना होता है। हनुमान पूरा पहाड़ ही उठाकर ले आते हैं। इसी के साथ आठवें दिन का श्री राम लीला मंचन संपन्न होता है। यह जानकारी प्रेस सचिव बोध राज जमदाग्नि ने दी।
विज्ञापन