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चंबा जिले की 42 पंचायतो में 196 करोड़ से दूर होगी पानी की किल्लत

Sun, 02 Jan 2022 10:42 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jan 2022 10:42 PM IST
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Water shortage will be far from 196 crores in 42 panchayats of Chamba district
चंबा की रावी नदी। - फोटो : Chamba
चंबा। जिले की 42 पंचायतों में 196 करोड़ से पानी की समस्या का समाधान होगा। इसके लिए सरकार ने चंबा जिले के लिए 16 पेयजल योजनाओं को स्वीकृति दी है।
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जलशक्ति विभाग की ओर से पेयजल योजनाओं को क्रियान्वित करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। दूरदराज की जिन पंचायतों में पानी की किल्लत रहती थी, उनमें नदी और खड्डों से उठाऊ पेयजल योजना के तहत पानी पहुंचाया जाएगा। कई पंचायतों में नई पेयजल लाइनें डाली जाएंगी। इसके अलावा जरूरत के अनुसार पंचायतों में पेयजल भंडारण टैंक भी बनाए जाएंगे। जलशक्ति विभाग ने वर्ष 2022 में 16 योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। 16 पेयजल योजनाओं के बनने से 42 पंचायतों में लाखों की आबादी लाभान्वित होगी। 16 पेयजल योजनाओं के निर्माण से चंबा विस क्षेत्र में सर्वाधिक 17 ग्राम पंचायतें लाभान्वित होंगी।
चंबा विस क्षेत्र में नौ पेयजल योजनाओं का निर्माण होगा। इसमें रावी नदी और साल खड्ड से पंचायतों में पानी मुहैया करवाया जाएगा। जबकि चुराह में दो पेयजल योजनाओं का निर्माण करके 11 पंचायतों में पानी की समस्या का समाधान किया जाएगा। इसी तरह डलहौजी विस क्षेत्र में तीन पेयजल योजनाओं से आठ पंचायतों में पेयजल किल्लत को दूर किया जाएगा। इसके अलावा भटियात विस क्षेत्र में दो पेयजल योजनाओं का निर्माण होगा। इससे छह पंचायतें लाभान्वित होंगी। जलशक्ति विभाग ने जिले की सभी पंचायतों में चल रही पानी की समस्या का दूर करने के लिए 16 पेयजल योजनाओं का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा था। सरकार ने विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार ने 196 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया है। विभाग की ओर से योजनाओं के निर्माण को लेकर आगामी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आने वाले समय में चंबा की दूरदराज की पंचायतों में पानी की किल्लत हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
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जलशक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता रंजीत चौधरी ने बताया कि जिले में 16 पेयजल योजनाओं के निर्माण को स्वीकृति मिली है। इन योजनाओं के निर्माण पर 196 करोड़ की धनराशि खर्च होगी। इससे पंचायतों में चल रही पानी की समस्या का समाधान किया जाएगा।
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जिले की 42 पंचायतें ऐसी हैं जहां पर पानी की किल्लत होने से ग्रामीणों को कई किमी दूर जाकर पानी ढोना पड़ता है। जब इन पंचायतों के लिए पेयजल लाइन बिछाई थी तो उस समय यहां आबादी काफी कम थी। अब आबादी में इजाफा हो चुका है। लंबे समय से पानी की आपूर्ति नहीं बढ़ाई गई है। इसके साथ ही इन इलाकों में पानी के स्रोत भी सूख रहे थे। इससे ग्रामीणों को पानी की समस्या हो रही थी। विभाग ने लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए उठाऊ पेयजल योजना का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा। इसे सरकार ने मंजूरी दे दी है। पंचायतों को रावी नदी और साल खड्ड से पानी लिफ्ट करके पहुंचाया जाएगा।
उठाऊ पेयजल योजना के तहत पंचायतों में पानी के भंडारण टैंकों भी निर्माण होगा। इसमें लाखों लीटर पानी रखने की क्षमता होगी। पानी घरों तक फिल्टर करके पहुंचाया जाएगा। इससे ग्रामीणों को साफ और स्वच्छ पानी मुहैया होगा। योजनाओं की मंजूरी मिलने की खबर से लोगों में खुशी की लहर है। उन्हें पानी की किल्लत से निजात मिलने वाली है।
नीलम शर्मा ने बताया कि खज्जियार और आसपास की पंचायतों में पानी की काफी समस्या है। ऐसे में उठाऊ पेयजल योजना स्वीकृत होने से ग्रामीणों की पानी की समस्या खत्म होगी। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने योजना का कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की।
सोनू कुमार ने बताया कि रठियार, खज्जियार और बख्तपुर पंचायतों के कई गांव काफी ऊंचाई पर हैं। यहां पर पानी के प्राकृतिक स्रोत भी सूख चुके हैं। ऐसे गांव में उठाऊ पेयजल योजना वरदान साबित होगी। साथ ही गांव में रहने वाले लोगों को पानी की समस्या से निजात मिलेगी।
महिंद्र कुमार ने बताया कि पानी की आपूर्ति नहीं होने पर उन्हें कई किमी दूर से पीने का पानी ढोना पड़ता है। सर्दियों के दौरान ग्रामीणों को ज्यादा परेशानी नहीं होती। गर्मियों के मौसम में गांव में पानी के लिए हाहाकार मच जाता है। कड़कती धूप में पैदल चलकर पानी ढोना ग्रामीणों के लिए काफी मुश्किल होता है।

अमर चंद ने बताया कि कोलका और जटकरी पंचायत में पानी की सबसे ज्यादा समस्या है। यहां पर पानी के प्राकृतिक स्रोत सूख चुके हैं। जो स्रोत बचे हैं उनमें पानी की मात्रा काफी कम है। ऐसे में रावी से इन इलाकों में पानी आने से ग्रामीणों की पानी की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
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