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Chamba News: मेडिकल कॉलेज चंबा में डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत पर हंगामा

Sun, 06 Sep 2026 10:51 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sun, 06 Sep 2026 10:51 PM IST
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Uproar over the death of a one-and-a-half-year-old girl at Chamba Medical College.
मेडिकल कॉलेज चंबा से अपनी बेटी की देह लेकर रोते बिलखते घर को रवाना होते परिजन। जागरूक पाठक
परिजनों ने उपचार में लापरवाही के लगाए आरोप, अस्पताल प्रबंधन ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
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टेस्ट और एक्स-रे के लिए भटकाने का आरोप, इंजेक्शन और भाप देने के बाद बिगड़ी बच्ची की हालत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा में रविवार को उपचार के दौरान डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत के बाद हंगामा हो गया। बच्ची की मौत से आक्रोशित परिजनों ने चिकित्सकों और अस्पताल स्टाफ पर उपचार में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए।
परिजनों का कहना है कि गंभीर हालत में बच्ची को अस्पताल लाने के बावजूद उसे समय पर उपचार नहीं मिला। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष कमेटी गठित करने की बात कही है।
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मृत बच्ची की पहचान कृतिका पुत्री कुलदीप सिंह निवासी नरवाड़, ग्राम पंचायत सेईकोठी, उपमंडल चुराह के रूप में हुई है। बच्ची के पिता कुलदीप सिंह ने बताया कि कृतिका की छाती जाम थी और उसमें खून की कमी के लक्षण भी दिखाई दे रहे थे। बेहतर उपचार की उम्मीद में वह बच्ची को तीसा अस्पताल ले जाने के बजाय चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
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कुलदीप सिंह के अनुसार वह रविवार शाम करीब चार बजे बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उसे तत्काल भर्ती नहीं किया गया। करीब साढ़े पांच बजे बच्ची को दाखिल किया गया। उनका आरोप है कि भर्ती करने के बाद एक्स-रे करवाने के लिए भेजा गया, लेकिन वहां कोई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। इसके बाद कुछ अन्य टेस्ट करवाने के लिए कहा गया, जिसके लिए उन्हें निजी लैब जाना पड़ा।
परिजनों के मुताबिक टेस्ट करवाकर लौटने के बाद बच्ची को भाप देने और इंजेक्शन लगाने की बात कही गई। उनका आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में उस समय कोई वरिष्ठ या विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद नहीं था और बच्ची की हालत बिगड़ती रही। परिजनों का कहना है कि करीब पौने घंटे तक बच्ची की हालत खराब रही। मौत से करीब 15 मिनट पहले एक डॉक्टर उसे देखने पहुंचे। इसके बाद इंजेक्शन लगाया गया और भाप दी गई। उनका आरोप है कि इसके तुरंत बाद बच्ची अचेत हो गई और उसकी मौत हो गई।
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रोते हुए मां ने उठाए अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल
बच्ची की मौत से आहत मां ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि गंभीर हालत में आने वाले बच्चों को समय पर उपचार नहीं मिल सकता तो ऐसी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। परिजनों के हंगामे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया।

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निष्पक्ष जांच के लिए गठित होगी कमेटी
मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. प्रदीप ने बताया कि परिजन बच्ची के शव को अपने साथ ले गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बच्ची को शाम करीब पांच से साढ़े पांच बजे के बीच अस्पताल लाया गया था। उन्होंने कहा कि परिजनों की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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