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Chamba News: प्रशिक्षु डाॅक्टर ने टटोली महिलाओं की नब्ज
Mon, 20 Mar 2023 10:30 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 20 Mar 2023 10:30 PM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की महिला ओपीडी में महिलाओं को अपनी जांच करवाने के लिए एक घंटा इंतजार करना पड़ा। सुबह 9:30 बजे महिलाएं अपनी पर्ची बनवाकर ओपीडी के बाहर पहुंच गईं लेकिन 10:00 बजे भी ओपीडी में कोई विशेषज्ञ नहीं पहुंचा। इसके चलते बीमार महिलाएं हाथ में पर्ची लेकर विशेषज्ञ के इंतजार में ठंडे फर्श पर ही बैठ गईं।
इसके अलावा दूरदराज के इलाकों से मेडिकल कॉलेज पहुंचीं महिलाएं ओपीडी के बाहर कतार में खड़ी रहीं। वे इसी आस में कतारों में खड़ी रहीं कि शायद विशेषज्ञ जल्द ओपीडी में पहुंच जाएगा। 11:00 बजे तक कोई भी विशेषज्ञ महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए नहीं पहुंचा। इसकी वजह से महिलाओं के साथ आए तीमारदार भड़क गए। विशेषज्ञ के ओपीडी से नदारद होने की खबर अस्पताल में फैल गई। प्रबंधन ने माहौल को बिगड़ने से बचाने के लिए ओपीडी में एमबीबीएस प्रशिक्षु को भेज दिया। 11:15 बजे प्रशिक्षु डॉक्टर बीमार महिलाओं की जांच करने के लिए ओपीडी पहुंचा जबकि महिला विशेषज्ञ की कुर्सी दोपहर 12:00 बजे तक खाली रही। इसके चलते दूरदराज से चेकअप करवाने के लिए पहुंचीं महिलाओं को विशेषज्ञ की सेवाएं नहीं मिलीं। प्रशिक्षु डॉक्टर से परामर्श लेकर महिलाएं अपने घरों को लौट गईं। सुबह से लेकर शाम तक ओपीडी के बाहर बीमार महिलाओं की लाइनें लगी रहीं।
सविता देवी, रीना कुमारी, उषा, रेखा, सरोज कुमारी और सुनीता कुमारी ने बताया कि जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में महिला रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते उन्हें अपनी बीमारी की जांच करवाने के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज आना पड़ता है। तीसा, भरमौर, सलूणी, बनीखेत, भंजराडू, तीसा और साहो क्षेत्र की गर्भवती और अन्य बीमार महिलाएं महिला रोग विशेषज्ञ की सेवाएं लेने के लिए पूर्ण रूप से मेडिकल कॉलेज पर निर्भर हैं। उन्हें ओपीडी में विशेषज्ञ की सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि ओपीडी में विशेषज्ञ न मिला हो, इससे पहले भी कई बार ओपीडी में विशेषज्ञ के न होने के मामले सामने आ चुके हैं। इसके लिए प्रबंधन को उचित कदम उठाने चाहिए। वार्ड और ओपीडी में विशेषज्ञ की सेवाएं सुचारु रखने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य होना चाहिए। ऑपरेशन थियेटर या वार्ड में विशेषज्ञ के व्यस्त होने पर ओपीडी की सेवाओं पर असर पड़ रहा है।
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विशेषज्ञ ऑपरेशन थियेटर में व्यस्त होने के कारण ओपीडी में समय पर नहीं पहुंच पाया। महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के लिए दूसरे डॉक्टर को ड्यूटी पर भेज दिया गया था। सरकार से अतिरिक्त महिला विशेषज्ञों की चंबा में तैनाती की मांग की गई है। -डॉक्टर पंकज गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।
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इसके अलावा दूरदराज के इलाकों से मेडिकल कॉलेज पहुंचीं महिलाएं ओपीडी के बाहर कतार में खड़ी रहीं। वे इसी आस में कतारों में खड़ी रहीं कि शायद विशेषज्ञ जल्द ओपीडी में पहुंच जाएगा। 11:00 बजे तक कोई भी विशेषज्ञ महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए नहीं पहुंचा। इसकी वजह से महिलाओं के साथ आए तीमारदार भड़क गए। विशेषज्ञ के ओपीडी से नदारद होने की खबर अस्पताल में फैल गई। प्रबंधन ने माहौल को बिगड़ने से बचाने के लिए ओपीडी में एमबीबीएस प्रशिक्षु को भेज दिया। 11:15 बजे प्रशिक्षु डॉक्टर बीमार महिलाओं की जांच करने के लिए ओपीडी पहुंचा जबकि महिला विशेषज्ञ की कुर्सी दोपहर 12:00 बजे तक खाली रही। इसके चलते दूरदराज से चेकअप करवाने के लिए पहुंचीं महिलाओं को विशेषज्ञ की सेवाएं नहीं मिलीं। प्रशिक्षु डॉक्टर से परामर्श लेकर महिलाएं अपने घरों को लौट गईं। सुबह से लेकर शाम तक ओपीडी के बाहर बीमार महिलाओं की लाइनें लगी रहीं।
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सविता देवी, रीना कुमारी, उषा, रेखा, सरोज कुमारी और सुनीता कुमारी ने बताया कि जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में महिला रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते उन्हें अपनी बीमारी की जांच करवाने के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज आना पड़ता है। तीसा, भरमौर, सलूणी, बनीखेत, भंजराडू, तीसा और साहो क्षेत्र की गर्भवती और अन्य बीमार महिलाएं महिला रोग विशेषज्ञ की सेवाएं लेने के लिए पूर्ण रूप से मेडिकल कॉलेज पर निर्भर हैं। उन्हें ओपीडी में विशेषज्ञ की सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि ओपीडी में विशेषज्ञ न मिला हो, इससे पहले भी कई बार ओपीडी में विशेषज्ञ के न होने के मामले सामने आ चुके हैं। इसके लिए प्रबंधन को उचित कदम उठाने चाहिए। वार्ड और ओपीडी में विशेषज्ञ की सेवाएं सुचारु रखने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य होना चाहिए। ऑपरेशन थियेटर या वार्ड में विशेषज्ञ के व्यस्त होने पर ओपीडी की सेवाओं पर असर पड़ रहा है।
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विशेषज्ञ ऑपरेशन थियेटर में व्यस्त होने के कारण ओपीडी में समय पर नहीं पहुंच पाया। महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के लिए दूसरे डॉक्टर को ड्यूटी पर भेज दिया गया था। सरकार से अतिरिक्त महिला विशेषज्ञों की चंबा में तैनाती की मांग की गई है। -डॉक्टर पंकज गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।