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लड़कों के लिए तीन, लड़कियों के लिए एक भी छात्रावास नहीं
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चंबा। जिले के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान में छात्राओं को किराये पर कमरा लेकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इसके चलते छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि राजकीय महाविद्यालय चंबा में छात्रों के लिए एक नहीं बल्कि तीन-तीन छात्रावासों की व्यवस्था है लेकिन आज तक छात्राओं के लिए एक भी छात्रावास की व्यवस्था सरकार नहीं कर पाई है। मसलन जिले के विभिन्न उपमंडलों की छात्राएं किराये पर कमरा लेकर रहने के लिए मजबूर हैं।
जानकारी के मुताबिक चंबा कॉलेज में हर साल 4,500 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंचते हैं। इनमें स्थानीय क्षेत्र के विद्यार्थी काफी कम जबकि पांगी, भरमौर, तीसा, सलूणी, भलेई आदि से काफी संख्या में विद्यार्थी पहुंचते है। हालांकि इन क्षेत्रों में भी कॉलेज हैं लेकिन वहां मूलभूत सुविधाओं की कमी होने के कारण उन्हें चंबा कॉलेज का रुख करना पड़ता है। ऐसे में सबसे ज्यादा तादाद हर साल चंबा कॉलेज में ही रहती है। इस कॉलेज में 15 साल से छात्राएं छात्रावास की मांग कर रही हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है।
छात्राओं अमीषा कुमारी, मीना कुमारी, अंकिता कुमारी, पूजा कुमारी, अमृता देवी आदि का कहना है कि सरकार ने उपमंडल स्तर पर कॉलेज तो खोले हैं लेकिन स्टाफ की कमी और अन्य संकायों की पढ़ाई न होने की वजह से उन्हें जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ता है। उन्हें तीन से चार हजार रुपये प्रति माह किराये पर कमरा लेना पड़ता है जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। कुल मिलाकर जिला मुख्यालय में छात्राओं के लिए छात्रावास न होने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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सदर के विधायक पवन नैयर का कहना है कि विधानसभा चुनाव में प्रदेश में सरकार बनते ही छात्राओं की इस ज्वलंत मांग को पूरा किया जाएगा।
कांग्रेस प्रत्याशी नीरज नैयर का कहना है कि पिछले 15 साल में चंबा सदर में भाजपा के विधायक रहे। उन्होंने कहा कि जनता अगर उन्हें चुनती है तो छात्राओं के लिए बिना विलंब छात्रावास की व्यवस्था करवाई जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक चंबा कॉलेज में हर साल 4,500 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंचते हैं। इनमें स्थानीय क्षेत्र के विद्यार्थी काफी कम जबकि पांगी, भरमौर, तीसा, सलूणी, भलेई आदि से काफी संख्या में विद्यार्थी पहुंचते है। हालांकि इन क्षेत्रों में भी कॉलेज हैं लेकिन वहां मूलभूत सुविधाओं की कमी होने के कारण उन्हें चंबा कॉलेज का रुख करना पड़ता है। ऐसे में सबसे ज्यादा तादाद हर साल चंबा कॉलेज में ही रहती है। इस कॉलेज में 15 साल से छात्राएं छात्रावास की मांग कर रही हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है।
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छात्राओं अमीषा कुमारी, मीना कुमारी, अंकिता कुमारी, पूजा कुमारी, अमृता देवी आदि का कहना है कि सरकार ने उपमंडल स्तर पर कॉलेज तो खोले हैं लेकिन स्टाफ की कमी और अन्य संकायों की पढ़ाई न होने की वजह से उन्हें जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ता है। उन्हें तीन से चार हजार रुपये प्रति माह किराये पर कमरा लेना पड़ता है जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। कुल मिलाकर जिला मुख्यालय में छात्राओं के लिए छात्रावास न होने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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सदर के विधायक पवन नैयर का कहना है कि विधानसभा चुनाव में प्रदेश में सरकार बनते ही छात्राओं की इस ज्वलंत मांग को पूरा किया जाएगा।
कांग्रेस प्रत्याशी नीरज नैयर का कहना है कि पिछले 15 साल में चंबा सदर में भाजपा के विधायक रहे। उन्होंने कहा कि जनता अगर उन्हें चुनती है तो छात्राओं के लिए बिना विलंब छात्रावास की व्यवस्था करवाई जाएगी।