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Chamba News: दो दिन में लौटने का था वादा, यात्रा से घर नहीं लौटे दो दोस्त
Sun, 13 Sep 2026 09:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 13 Sep 2026 09:59 PM IST
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डल झील में पवित्र स्नान की हसरत लेकर निकले थे, गैहरा के पास हादसे ने छीन ली जिंदगी
दोस्तों की बाइक यात्रा अधूरी रह गई, शव लेने के लिए परिजनों को पठानकोट से चंबा आना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। दो दिन बाद घर लौटने का वादा कर मणिमहेश यात्रा पर निकले दो दोस्तों को क्या पता था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा। शनिवार सुबह दोनों दोस्त बाइक पर एक साथ घर से निकले थे।
परिजनों से कहा था कि मणिमहेश डल झील में पवित्र स्नान कर दो दिन में वापस लौट आएंगे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। चंबा पहुंचने के बाद भरमौर की ओर जाते समय गैहरा के पास हुए हादसे में दोनों की मौत हो गई।
दोनों दोस्तों ने मणिमहेश यात्रा को लेकर पहले से योजना बनाई थी। शनिवार सुबह बाइक पर घर से निकलने के बाद शाम को चंबा पहुंचे। यहां कुछ देर ठहरने की योजना थी, लेकिन बाद में दोनों ने भरमौर जाने का फैसला किया। देर शाम गैहरा के पास पहुंचते ही हादसा हो गया और दोनों की यात्रा हमेशा के लिए थम गई।
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उधर, घर में परिजन उनके दो दिन बाद लौटने का इंतजार कर रहे थे। उन्हें क्या पता था कि जिन अपनों के लौटने की राह देख रहे हैं, उनके शव लेने के लिए खुद चंबा आना पड़ेगा। रविवार को जब परिजन चंबा पहुंचे और दोनों के शव देखे तो चीख-पुकार मच गई। परिजनों का विलाप सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
हादसे के बाद मौके और अस्पताल में मौजूद लोग यही चर्चा करते रहे कि यदि दोनों दोस्त रात को चंबा या रास्ते में कहीं ठहर जाते और सुबह भरमौर के लिए रवाना होते तो शायद हादसा टल सकता था। हालांकि, हादसे के कारणों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। दो दोस्तों की एक साथ शुरू हुई मणिमहेश यात्रा मंजिल तक पहुंचने से पहले ही खत्म हो गई। परिवारों में मातम पसरा है और जिस यात्रा को लेकर उत्साह था, वही अब जिंदगी भर की टीस बन गई है।
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दोस्तों की बाइक यात्रा अधूरी रह गई, शव लेने के लिए परिजनों को पठानकोट से चंबा आना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। दो दिन बाद घर लौटने का वादा कर मणिमहेश यात्रा पर निकले दो दोस्तों को क्या पता था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा। शनिवार सुबह दोनों दोस्त बाइक पर एक साथ घर से निकले थे।
परिजनों से कहा था कि मणिमहेश डल झील में पवित्र स्नान कर दो दिन में वापस लौट आएंगे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। चंबा पहुंचने के बाद भरमौर की ओर जाते समय गैहरा के पास हुए हादसे में दोनों की मौत हो गई।
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दोनों दोस्तों ने मणिमहेश यात्रा को लेकर पहले से योजना बनाई थी। शनिवार सुबह बाइक पर घर से निकलने के बाद शाम को चंबा पहुंचे। यहां कुछ देर ठहरने की योजना थी, लेकिन बाद में दोनों ने भरमौर जाने का फैसला किया। देर शाम गैहरा के पास पहुंचते ही हादसा हो गया और दोनों की यात्रा हमेशा के लिए थम गई।
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उधर, घर में परिजन उनके दो दिन बाद लौटने का इंतजार कर रहे थे। उन्हें क्या पता था कि जिन अपनों के लौटने की राह देख रहे हैं, उनके शव लेने के लिए खुद चंबा आना पड़ेगा। रविवार को जब परिजन चंबा पहुंचे और दोनों के शव देखे तो चीख-पुकार मच गई। परिजनों का विलाप सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
हादसे के बाद मौके और अस्पताल में मौजूद लोग यही चर्चा करते रहे कि यदि दोनों दोस्त रात को चंबा या रास्ते में कहीं ठहर जाते और सुबह भरमौर के लिए रवाना होते तो शायद हादसा टल सकता था। हालांकि, हादसे के कारणों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। दो दोस्तों की एक साथ शुरू हुई मणिमहेश यात्रा मंजिल तक पहुंचने से पहले ही खत्म हो गई। परिवारों में मातम पसरा है और जिस यात्रा को लेकर उत्साह था, वही अब जिंदगी भर की टीस बन गई है।