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Chamba News: बीस फीसदी अधिक गेहूं पैदावार की बंधी उम्मीद
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नियमित अंतराल के बाद हो रही बारिश से राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। करीब दो माह के सूखे के बाद अब नियमित अंतराल के बाद हो रही बारिश गेहूं की पैदावार के लिए संजीवनी साबित होने लगी है। विभागीय अनुमान है कि अब पहले के अनुमान के मुताबिक बीस प्रतिशत गेहूं की पैदावार अधिक होगी। हालांकि, तय पैदावार के तहत गेहूं की फसल नहीं होगी लेकिन अब उसके आसपास यह आंकड़ा पहुंचने की उम्मीद बंधी है।
जानकारी के मुताबिक जिला चंबा के भरमौर, पांगी, भटियात, चुराह, सलूणी समेत जिला मुख्यालय के साथ लगती दस पंचायतों में किसान गेहूं की खेती करते हैं। हर साल की औसतन पैदावार पर नजर डालें तो जिले में 33 हजार मीट्रिक टन पैदावार रहती है जबकि इस साल दो माह सूखे की मार के चलते यह अनुमान 2800 क्विंटल तक रह गया। फरवरी और मार्च में नियमित अंतराल के बाद हुई बारिश से एक बार फिर गेहूं की पैदावार बढ़ने की उम्मीद जगी है। कुलमिलाकर अब नुकसान तीन हजार मीट्रिक तक रह सकता है। किसानों रमेश कुमार, राजन कुमार, सुरेंद्र सिंह, देविया राम, रोशन लाल आदि का कहना है कि नियमित अंतराल के बाद हो रही बारिश से फसल को लाभ हुआ है। कृषि उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि एक माह में हुई बारिश से गेहूं की फसल को लाभ हुआ है। उन्होंने अनुमान लगाया है कि अब बीस प्रतिशत पैदावार पिछले एक माह की पैदावार से ज्यादा होगी। बारिश से गेहूं की फसल को लाभ हो रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। करीब दो माह के सूखे के बाद अब नियमित अंतराल के बाद हो रही बारिश गेहूं की पैदावार के लिए संजीवनी साबित होने लगी है। विभागीय अनुमान है कि अब पहले के अनुमान के मुताबिक बीस प्रतिशत गेहूं की पैदावार अधिक होगी। हालांकि, तय पैदावार के तहत गेहूं की फसल नहीं होगी लेकिन अब उसके आसपास यह आंकड़ा पहुंचने की उम्मीद बंधी है।
जानकारी के मुताबिक जिला चंबा के भरमौर, पांगी, भटियात, चुराह, सलूणी समेत जिला मुख्यालय के साथ लगती दस पंचायतों में किसान गेहूं की खेती करते हैं। हर साल की औसतन पैदावार पर नजर डालें तो जिले में 33 हजार मीट्रिक टन पैदावार रहती है जबकि इस साल दो माह सूखे की मार के चलते यह अनुमान 2800 क्विंटल तक रह गया। फरवरी और मार्च में नियमित अंतराल के बाद हुई बारिश से एक बार फिर गेहूं की पैदावार बढ़ने की उम्मीद जगी है। कुलमिलाकर अब नुकसान तीन हजार मीट्रिक तक रह सकता है। किसानों रमेश कुमार, राजन कुमार, सुरेंद्र सिंह, देविया राम, रोशन लाल आदि का कहना है कि नियमित अंतराल के बाद हो रही बारिश से फसल को लाभ हुआ है। कृषि उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि एक माह में हुई बारिश से गेहूं की फसल को लाभ हुआ है। उन्होंने अनुमान लगाया है कि अब बीस प्रतिशत पैदावार पिछले एक माह की पैदावार से ज्यादा होगी। बारिश से गेहूं की फसल को लाभ हो रहा है।
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