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Chamba News: जिस आंगन में गढ़ा था वीर सपूत, उसी स्कूल को दिया जाए जांबाज का नाम
Sat, 29 Aug 2026 10:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 29 Aug 2026 10:26 PM IST
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शहीदी दिवस पर किहार में गूंजा वीरता का सम्मान, ग्रामीणों ने उठाई विद्यालय के नामकरण की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। जिस विद्यालय की चौखट से निकलकर किहार का बेटा मातृभूमि की रक्षा के लिए सीमा पर पहुंचा और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे गया, अब उसी विद्यालय को बलिदानी देवराज के नाम से पहचान देने की मांग उठी है।
शनिवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला किहार में शहीदी दिवस के अवसर पर एसएसबी जवानों, शहीद के परिजनों, स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने वीर सपूत को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
29 अगस्त 2022 को बिहार में तस्करों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान देश की सुरक्षा करते हुए एसएसबी जवान देवराज बलिदान हो गए थे। उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष 29 अगस्त को शहीदी दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम में शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति समर्पण को याद किया गया।
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इस दौरान ग्रामीणों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला किहार का नाम बलिदानी देवराज के नाम पर रखने की मांग प्रमुखता से उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि बलिदानी की स्मृति में हर वर्ष कार्यक्रम आयोजित करना उनके प्रति सम्मान है लेकिन विद्यालय का नाम उनके नाम पर करने से उनकी शहादत को स्थायी पहचान मिलेगी।
ग्रामीणों का कहना था कि जिस शिक्षण संस्थान ने देवराज के व्यक्तित्व और भविष्य को आकार दिया, उसी संस्थान का नाम उनके नाम पर होना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। विद्यालय परिसर में बलिदानी का नाम अंकित होने से विद्यार्थियों को देशभक्ति, कर्तव्य और त्याग का संदेश भी निरंतर मिलता रहेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। जिस विद्यालय की चौखट से निकलकर किहार का बेटा मातृभूमि की रक्षा के लिए सीमा पर पहुंचा और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे गया, अब उसी विद्यालय को बलिदानी देवराज के नाम से पहचान देने की मांग उठी है।
शनिवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला किहार में शहीदी दिवस के अवसर पर एसएसबी जवानों, शहीद के परिजनों, स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने वीर सपूत को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
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29 अगस्त 2022 को बिहार में तस्करों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान देश की सुरक्षा करते हुए एसएसबी जवान देवराज बलिदान हो गए थे। उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष 29 अगस्त को शहीदी दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम में शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति समर्पण को याद किया गया।
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इस दौरान ग्रामीणों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला किहार का नाम बलिदानी देवराज के नाम पर रखने की मांग प्रमुखता से उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि बलिदानी की स्मृति में हर वर्ष कार्यक्रम आयोजित करना उनके प्रति सम्मान है लेकिन विद्यालय का नाम उनके नाम पर करने से उनकी शहादत को स्थायी पहचान मिलेगी।
ग्रामीणों का कहना था कि जिस शिक्षण संस्थान ने देवराज के व्यक्तित्व और भविष्य को आकार दिया, उसी संस्थान का नाम उनके नाम पर होना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। विद्यालय परिसर में बलिदानी का नाम अंकित होने से विद्यार्थियों को देशभक्ति, कर्तव्य और त्याग का संदेश भी निरंतर मिलता रहेगा।