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Chamba News: पांगी में जंगलों की सुरक्षा पर संकट
Tue, 23 Dec 2025 10:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 23 Dec 2025 10:51 PM IST
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चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी के जंगलों की सुरक्षा वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। यहां स्वीकृत 19 वन रक्षकों के पदों के मुकाबले वर्तमान में केवल 11 वन रक्षक ही सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से छह वन रक्षक अंडर ट्रांसफर हैं, जिन्हें कभी भी पांगी से रिलीव किया जा सकता है। ऐसे में उनके जाने के बाद क्षेत्र में मात्र पांच वन रक्षक ही शेष रह जाएंगे।
पांच वन रक्षकों के भरोसे चार रेंजों के अंतर्गत आने वाली सभी वन बीटों की निगरानी करना विभाग के लिए बेहद मुश्किल होगा। इससे जंगलों में अवैध कटान और दुर्लभ वन्य प्रजातियों के शिकार की घटनाओं पर रोक लगाना कठिन हो सकता है।
पांगी घाटी के जंगलों में देवदार के घने वन मौजूद हैं, वहीं यहां दुनिया से विलुप्त हो रही बर्फानी तेंदुआ और कस्तूरी हिरण जैसी दुर्लभ प्रजातियां भी पाई जाती हैं। इनकी सुरक्षा के लिए फील्ड में पर्याप्त वन कर्मियों की मौजूदगी बेहद जरूरी है।
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मौजूदा हालात को देखते हुए सर्दियों के मौसम में अवैध कटान और शिकार करने वालों के लिए यह स्थिति अनुकूल साबित हो सकती है। हैरानी की बात यह है कि विभाग द्वारा सरकार को बार-बार अवगत करवाने के बावजूद रिक्त पदों को नहीं भरा जा रहा है।
पांच वन खंड अधिकारियों के पद खाली
पांगी में स्वीकृत सात वन खंड अधिकारियों के पदों में से केवल दो अधिकारी ही कार्यरत हैं, जबकि पांच पद लंबे समय से खाली पड़े हैं।
रेंजरों की भी कमी
चार स्वीकृत रेंजर पदों में से केवल दो ही भरे गए हैं। इनमें से एक रेंजर जनवरी 2026 में सेवानिवृत्त हो जाएगा, जिससे क्षेत्र में तीन रेंजर पद खाली हो जाएंगे।
उधर, वन मंडल अधिकारी पांगी रवि गुलेरिया ने बताया कि वन रक्षकों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों के माध्यम से सरकार को अवगत करवा दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही पांगी में वन रक्षकों की तैनाती के आदेश जारी किए जाएंगे।
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पांच वन रक्षकों के भरोसे चार रेंजों के अंतर्गत आने वाली सभी वन बीटों की निगरानी करना विभाग के लिए बेहद मुश्किल होगा। इससे जंगलों में अवैध कटान और दुर्लभ वन्य प्रजातियों के शिकार की घटनाओं पर रोक लगाना कठिन हो सकता है।
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पांगी घाटी के जंगलों में देवदार के घने वन मौजूद हैं, वहीं यहां दुनिया से विलुप्त हो रही बर्फानी तेंदुआ और कस्तूरी हिरण जैसी दुर्लभ प्रजातियां भी पाई जाती हैं। इनकी सुरक्षा के लिए फील्ड में पर्याप्त वन कर्मियों की मौजूदगी बेहद जरूरी है।
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मौजूदा हालात को देखते हुए सर्दियों के मौसम में अवैध कटान और शिकार करने वालों के लिए यह स्थिति अनुकूल साबित हो सकती है। हैरानी की बात यह है कि विभाग द्वारा सरकार को बार-बार अवगत करवाने के बावजूद रिक्त पदों को नहीं भरा जा रहा है।
पांच वन खंड अधिकारियों के पद खाली
पांगी में स्वीकृत सात वन खंड अधिकारियों के पदों में से केवल दो अधिकारी ही कार्यरत हैं, जबकि पांच पद लंबे समय से खाली पड़े हैं।
रेंजरों की भी कमी
चार स्वीकृत रेंजर पदों में से केवल दो ही भरे गए हैं। इनमें से एक रेंजर जनवरी 2026 में सेवानिवृत्त हो जाएगा, जिससे क्षेत्र में तीन रेंजर पद खाली हो जाएंगे।
उधर, वन मंडल अधिकारी पांगी रवि गुलेरिया ने बताया कि वन रक्षकों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों के माध्यम से सरकार को अवगत करवा दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही पांगी में वन रक्षकों की तैनाती के आदेश जारी किए जाएंगे।