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Chamba News: जम्मू से पहुंची छड़ी को नहीं मिली शिव चिह्न स्थापित करने की जगह
Wed, 28 Aug 2024 10:12 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 28 Aug 2024 10:12 PM IST
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चंबा में बादलों के बीच घिरी डल झील और मणिमहेश पर्वत।संवाद
भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा में सुविधाएं नहीं मिलने पर श्रद्धालुओं ने सवाल उठाए हैं। श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा के बाद प्रशासन के प्रबंधों की पोल खोल रहे हैं।
छोटे न्हौण के दौरान भी जम्मू से डलझील पहुंची छड़ी को शिव के चिह्न स्थापित करने के लिए स्थान नहीं मिल पाया। जहां छड़ी अपना पड़ाव डालती थी, वहां पहले से टेंट लगाए जा चुके थे। इनमें रहने वाले लोगों से पैसे लिए जा रहे थे। इसको लेकर श्रद्धालुओं ने खूब हल्ला भी किया। साल दर साल बढ़ रही इस यात्रा की लोकप्रियता को सरकार या प्रशासन भी हल्के में ले रहे हैं। इसका पता छोटे न्हौण में 12 घंटे सड़कों पर लगे जाम से लगता है।
हड़सर से डल झील तक नुकीले, तंग और बारिश में कीचड़ से भरे रास्ते पर श्रद्धालुओं को दो किलोमीटर का सफर तय करने में पांच घंटे का समय लग रहा है। इस रास्ते पर पैदल श्रद्धालुओं के साथ घोड़े-खच्चर भी साथ चल रहे हैं। इस कारण पैदल जाम भी लगते रहे। पवित्र मणिमहेश यात्रा पर आए झारखंड के सुनील, रामेश, तिलक और पवन ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से मणिमहेश के बारे में पता चला। इस साल यात्रा के लिए आए, लेकिन यहां जो प्रबंध होने चाहिए थे, उसके मुताबिक नहीं दिखे। सड़क की हालत खस्ता है। हड़सर से पैदल रास्ता भी कई जगह से खराब है। शौचालय श्रद्धालुओं की संख्या के हिसाब से नहीं बनाए गए हैं।
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अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर कुलवीर सिंह राणा ने बताया कि छोटे न्हौण के बाद जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें बड़ा स्नान शुरू होने से पहले दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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छोटे न्हौण के दौरान भी जम्मू से डलझील पहुंची छड़ी को शिव के चिह्न स्थापित करने के लिए स्थान नहीं मिल पाया। जहां छड़ी अपना पड़ाव डालती थी, वहां पहले से टेंट लगाए जा चुके थे। इनमें रहने वाले लोगों से पैसे लिए जा रहे थे। इसको लेकर श्रद्धालुओं ने खूब हल्ला भी किया। साल दर साल बढ़ रही इस यात्रा की लोकप्रियता को सरकार या प्रशासन भी हल्के में ले रहे हैं। इसका पता छोटे न्हौण में 12 घंटे सड़कों पर लगे जाम से लगता है।
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हड़सर से डल झील तक नुकीले, तंग और बारिश में कीचड़ से भरे रास्ते पर श्रद्धालुओं को दो किलोमीटर का सफर तय करने में पांच घंटे का समय लग रहा है। इस रास्ते पर पैदल श्रद्धालुओं के साथ घोड़े-खच्चर भी साथ चल रहे हैं। इस कारण पैदल जाम भी लगते रहे। पवित्र मणिमहेश यात्रा पर आए झारखंड के सुनील, रामेश, तिलक और पवन ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से मणिमहेश के बारे में पता चला। इस साल यात्रा के लिए आए, लेकिन यहां जो प्रबंध होने चाहिए थे, उसके मुताबिक नहीं दिखे। सड़क की हालत खस्ता है। हड़सर से पैदल रास्ता भी कई जगह से खराब है। शौचालय श्रद्धालुओं की संख्या के हिसाब से नहीं बनाए गए हैं।
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अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर कुलवीर सिंह राणा ने बताया कि छोटे न्हौण के बाद जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें बड़ा स्नान शुरू होने से पहले दुरुस्त कर दिया जाएगा।