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Chamba News: कापी में पांच और किताबों में दस से बीस रुपये बढ़े दाम
Fri, 28 Mar 2025 06:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 28 Mar 2025 06:56 AM IST
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मीनाक्षी। संवादपैकेज वाली खबर के साथ
अभियान-:
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले अभिभावकों को झटका
पिछले साल की अपेक्षा इस बार कापी और किताबों अधिक दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। नए शैक्षणिक सत्र के दौरान अभिभावकों को किताबों और कापियों की खरीद के लिए जेब ढीली करनी पड़ेगी। एक तरफ जहां कॉपियों के दामों में दो से पांच रुपये तक बढ़ोतरी हुई है तो वहीं, दूसरी तरफ किताबों के दामों में भी पांच से दस रुपये तक बढ़ोतरी हुई है। बहरहाल, नए शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद अभिभावकों को गत वर्ष की अपेक्षा अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे। अभिभावकों की मानें तो सरकार और प्रशासन की ओर से किताबों और कॉपियों के दाम निर्धारित करने चाहिए। ताकि कोई भी दुकानदार मनमानी ना कर सकें।
इनसेट
हर साल दामों में बढ़ोतरी होती है। इससे अधिक बोझ पड़ता है। सरकार और प्रशासन को इसके लिए व्यवस्था बनानी चाहिए। ताकि न्यूनतम मूल्यों पर किताबों और कापियां बच्चों को उपलब्ध हो सकें। -दामिनी कुमारी, अभिभावक
नए शैक्षणिक सत्र के लिए किताबों और कापियों की खरीद के लिए पूछताछ की है। दाम पहले की अपेक्षा बढ़े है। कॉपियों में दो से पांच रूपये की बढ़ाेतरी हुई है। गत वर्ष भी दाम बढ़े थे।-चंपा कुमारी, अभिभावक
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किताबों और कापियों को लेकर दुकानदार पहले ही रेट बढ़ा लेते है। बताया कि शैक्षणिक सत्र की शुरूआत से खासी भीड़ भी रहती है। किताबों और कापियों के दामों को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था बननी चाहिए।-सोनाली कुमारी, अभिभावक
इनसेट
नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत में दुकानदारों द्वारा मनमाने दाम लिए जाते है। इससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। कहा कि प्रशासन को इसके लिए व्यापक व्यवस्था बनाएं। ताकि किसी प्रकार की परेशानी अभिभावकों को न हो। -मीनाक्षी कुमारी, अभिभावक
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नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले अभिभावकों को झटका
पिछले साल की अपेक्षा इस बार कापी और किताबों अधिक दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। नए शैक्षणिक सत्र के दौरान अभिभावकों को किताबों और कापियों की खरीद के लिए जेब ढीली करनी पड़ेगी। एक तरफ जहां कॉपियों के दामों में दो से पांच रुपये तक बढ़ोतरी हुई है तो वहीं, दूसरी तरफ किताबों के दामों में भी पांच से दस रुपये तक बढ़ोतरी हुई है। बहरहाल, नए शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद अभिभावकों को गत वर्ष की अपेक्षा अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे। अभिभावकों की मानें तो सरकार और प्रशासन की ओर से किताबों और कॉपियों के दाम निर्धारित करने चाहिए। ताकि कोई भी दुकानदार मनमानी ना कर सकें।
इनसेट
हर साल दामों में बढ़ोतरी होती है। इससे अधिक बोझ पड़ता है। सरकार और प्रशासन को इसके लिए व्यवस्था बनानी चाहिए। ताकि न्यूनतम मूल्यों पर किताबों और कापियां बच्चों को उपलब्ध हो सकें। -दामिनी कुमारी, अभिभावक
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नए शैक्षणिक सत्र के लिए किताबों और कापियों की खरीद के लिए पूछताछ की है। दाम पहले की अपेक्षा बढ़े है। कॉपियों में दो से पांच रूपये की बढ़ाेतरी हुई है। गत वर्ष भी दाम बढ़े थे।-चंपा कुमारी, अभिभावक
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किताबों और कापियों को लेकर दुकानदार पहले ही रेट बढ़ा लेते है। बताया कि शैक्षणिक सत्र की शुरूआत से खासी भीड़ भी रहती है। किताबों और कापियों के दामों को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था बननी चाहिए।-सोनाली कुमारी, अभिभावक
इनसेट
नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत में दुकानदारों द्वारा मनमाने दाम लिए जाते है। इससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। कहा कि प्रशासन को इसके लिए व्यापक व्यवस्था बनाएं। ताकि किसी प्रकार की परेशानी अभिभावकों को न हो। -मीनाक्षी कुमारी, अभिभावक

मीनाक्षी। संवादपैकेज वाली खबर के साथ

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