{"_id":"69d3ec855985f29de90e8d57","slug":"the-insurance-company-was-ordered-to-pay-rs-610-lakh-along-with-9-interest-chamba-news-c-88-1-ssml1004-179562-2026-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: बीमा कंपनी को 6.10 लाख रुपये 9 फीसदी ब्याज सहित देने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: बीमा कंपनी को 6.10 लाख रुपये 9 फीसदी ब्याज सहित देने के आदेश
Mon, 06 Apr 2026 10:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 06 Apr 2026 10:55 PM IST
विज्ञापन
जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला, 10 हजार रुपये मुआवजा भी देना होगा
मुकदमेबाजी पर खर्च 10 हजार भी देगी कंपनी, खेत में दवाई का छिड़काव करते हो गई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। खेत में कृषि औषधियों का छिड़काव करते समय तबीयत बिगड़ने से मौत के मामले में मृतक बीमित व्यक्ति की बीमा राशि परिजनों को अदा न करना इंश्योरेंस कंपनी को भारी पड़ गया।
जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला-चंबा की अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी को छह लाख दस हजार रुपये की राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित प्रभावित को देने के आदेश दिए हैं। कंपनी को 10 हजार रुपये मुकदमेबाजी और 10 हजार रुपये का मुआवजा भी अदा करना होगा।
जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला-चंबा की अदालत में पहुंचे मामले में पीड़ित ने बताया कि 14 जून, 2023 को खेत में कृषि औषधियों का छिड़काव करते समय अचानक हरीश की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया। उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया कि हरीश ने पॉलिसी नंबर सीडी 000113 के तहत बीमा करवाया था। इसके बाद परिजनों ने बीमा राशि के लिए दावा किया लेकिन इंश्योरेंस कंपनी ने बीमित व्यक्ति की मौत को आत्महत्या का तर्क देते हुए दावे को खारिज कर दिया। इसके बाद मृतक के परिजनों ने आयोग में याचिका लगाई। इंश्योरेंस कंपनी को नोटिस जारी हुआ। नोटिस मिलने पर कंपनी ने अधिवक्ता के जरिये जवाब दिया। तर्क दिया कि पॉलिसी जारी होने के एक साल के भीतर व्यक्ति ने जानबूझ कर सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या की है। पॉलिसी की शर्तों के तहत प्रीमियर का 80 प्रतिशत पहले ही वापिस कर दिया है। शिकायतकर्ता ने जवाब दाखिल कर इन आरोपों का खंडन किया। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा ने इंश्योरेंस कंपनी को छह लाख दस हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। बैंक प्रबंधन की ओर से शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये मुआवजा और मुकदमेबाजी पर खर्च 10 हजार रुपये भी अदा करने होंगे।
विज्ञापन
--
विज्ञापन
मुकदमेबाजी पर खर्च 10 हजार भी देगी कंपनी, खेत में दवाई का छिड़काव करते हो गई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। खेत में कृषि औषधियों का छिड़काव करते समय तबीयत बिगड़ने से मौत के मामले में मृतक बीमित व्यक्ति की बीमा राशि परिजनों को अदा न करना इंश्योरेंस कंपनी को भारी पड़ गया।
जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला-चंबा की अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी को छह लाख दस हजार रुपये की राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित प्रभावित को देने के आदेश दिए हैं। कंपनी को 10 हजार रुपये मुकदमेबाजी और 10 हजार रुपये का मुआवजा भी अदा करना होगा।
विज्ञापन
जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला-चंबा की अदालत में पहुंचे मामले में पीड़ित ने बताया कि 14 जून, 2023 को खेत में कृषि औषधियों का छिड़काव करते समय अचानक हरीश की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया। उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया कि हरीश ने पॉलिसी नंबर सीडी 000113 के तहत बीमा करवाया था। इसके बाद परिजनों ने बीमा राशि के लिए दावा किया लेकिन इंश्योरेंस कंपनी ने बीमित व्यक्ति की मौत को आत्महत्या का तर्क देते हुए दावे को खारिज कर दिया। इसके बाद मृतक के परिजनों ने आयोग में याचिका लगाई। इंश्योरेंस कंपनी को नोटिस जारी हुआ। नोटिस मिलने पर कंपनी ने अधिवक्ता के जरिये जवाब दिया। तर्क दिया कि पॉलिसी जारी होने के एक साल के भीतर व्यक्ति ने जानबूझ कर सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या की है। पॉलिसी की शर्तों के तहत प्रीमियर का 80 प्रतिशत पहले ही वापिस कर दिया है। शिकायतकर्ता ने जवाब दाखिल कर इन आरोपों का खंडन किया। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा ने इंश्योरेंस कंपनी को छह लाख दस हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। बैंक प्रबंधन की ओर से शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये मुआवजा और मुकदमेबाजी पर खर्च 10 हजार रुपये भी अदा करने होंगे।
विज्ञापन