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Chamba News: इकलौते बेटे की मौत से टूट गया परिवार, माता-पिता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
Sun, 07 Jun 2026 10:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 07 Jun 2026 10:28 PM IST
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दो बहनों का था इकलौता भाई, पत्नी और दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
मासूम बच्चों को अब भी नहीं पता, पिता कभी लौटकर नहीं आएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
मंगला (चंबा)। मनोज कुमार की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वह अपने वृद्ध माता-पिता का इकलौता सहारा था।
उसके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार की आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का अधिकांश भार उसी के कंधों पर था। जैसे ही परिवार को उसके शव मिलने की सूचना मिली, माता-पिता सदमे में आ गए। बेटे को खोने का दुख उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था। मनोज अपनी दो बहनों का भी इकलौता भाई था। भाई की मौत की खबर सुनकर दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार में हर किसी की आंखें नम थीं और गांव का माहौल भी गमगीन हो गया। मनोज अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। पति की मौत की खबर सुनने के बाद पत्नी सदमे में है। वह बार-बार अपने पति को याद कर बेसुध हो रही हैं। दो छोटे बच्चे हैं। इनमें एक बेटा और एक बेटी हैं। दोनों अभी इतने छोटे हैं कि उन्हें यह भी एहसास नहीं है कि उनके पिता अब कभी घर वापस नहीं लौटेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि उसका किसी के साथ विवाद भी नहीं था। वह शांत स्वभाव का था।
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मासूम बच्चों को अब भी नहीं पता, पिता कभी लौटकर नहीं आएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
मंगला (चंबा)। मनोज कुमार की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वह अपने वृद्ध माता-पिता का इकलौता सहारा था।
उसके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार की आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का अधिकांश भार उसी के कंधों पर था। जैसे ही परिवार को उसके शव मिलने की सूचना मिली, माता-पिता सदमे में आ गए। बेटे को खोने का दुख उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था। मनोज अपनी दो बहनों का भी इकलौता भाई था। भाई की मौत की खबर सुनकर दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार में हर किसी की आंखें नम थीं और गांव का माहौल भी गमगीन हो गया। मनोज अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। पति की मौत की खबर सुनने के बाद पत्नी सदमे में है। वह बार-बार अपने पति को याद कर बेसुध हो रही हैं। दो छोटे बच्चे हैं। इनमें एक बेटा और एक बेटी हैं। दोनों अभी इतने छोटे हैं कि उन्हें यह भी एहसास नहीं है कि उनके पिता अब कभी घर वापस नहीं लौटेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि उसका किसी के साथ विवाद भी नहीं था। वह शांत स्वभाव का था।