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Chamba News: बैसाख की संक्रांति पर 134 दिन बाद खुलेंगे कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट
Fri, 27 Mar 2026 10:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 27 Mar 2026 10:57 PM IST
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चंबा में भरमौर के कार्तिक स्वामी मंदिर की और जाने वाला मार्ग।संवाद
कपाट बंद होते समय रखी जाती है गड़वी, आज भी सदियों पुरानी परंपरा निभा रहे भरमौर के बाशिंदे
पुजारी की प्रशासन से मांग, कपाट खुलने के दौरान मंदिर में तैनात किया जाए पुलिस बल
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट खुलने पर अंदर रखी पानी की गड़वी (लोटा) बताएगी कि भरमौर में खुशहाली आएगी या सूखा पड़ेगा।
इस गड़वी को मंदिर के कपाट बंद करते समय पानी से भरकर अंदर रखा जाता है। 134 दिनों के बाद बैसाख संक्रांति पर मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। अंदर रखी गड़वी के पानी के अनुसार क्षेत्र में खुशहाली और सूखे की घोषणा की जाती है। मान्यता है कि यदि गड़वी पानी से भरी हुई मिली तो क्षेत्र में खुशहाली बनी रहेगी। यदि गड़वी में पानी कम मिला तो सूखे के हालात भी क्षेत्र के लोगों को देखने के लिए मिल सकते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसका निर्वहन क्षेत्र के लोग आज भी कर रहे हैं। कार्तिक स्वामी मंदिर के पुजारी मचलू राम शर्मा ने बताया कि 14 अप्रैल यानी बैसाख की संक्रांति वाले दिन सुबह 10 बजे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ कपाट खोले जाएंगे। श्रद्धालु इस दिन कार्तिक स्वामी के दर्शन करने के लिए मंदिर में पधार सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है मंदिर के कपाट खुलने के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की व्यवस्था मंदिर परिसर में करवाई जाए। कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट बैसाखी को लगभग 134 दिनों के बाद खुलेंगे। अपने अराध्य के दर्शन करने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पहुंचने की संभावना है।
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13 को न आएं, मंदिर में नहीं है ठहराव की व्यवस्था : शर्मा
पंडित मचलू राम शर्मा ने बताया कि कोई भी श्रद्धालु 13 अप्रैल को मंदिर में न आए। मंदिर में रात्रि ठहराव की व्यवस्था नहीं होती है। सभी श्रद्धालु 14 फरवरी को सुबह ही मंदिर परिसर में पहुंचें। उन्होंने भरमौर प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि मंदिर के कपाट खुलने के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल उपलब्ध करवाया जाए।
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पुजारी की प्रशासन से मांग, कपाट खुलने के दौरान मंदिर में तैनात किया जाए पुलिस बल
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट खुलने पर अंदर रखी पानी की गड़वी (लोटा) बताएगी कि भरमौर में खुशहाली आएगी या सूखा पड़ेगा।
इस गड़वी को मंदिर के कपाट बंद करते समय पानी से भरकर अंदर रखा जाता है। 134 दिनों के बाद बैसाख संक्रांति पर मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। अंदर रखी गड़वी के पानी के अनुसार क्षेत्र में खुशहाली और सूखे की घोषणा की जाती है। मान्यता है कि यदि गड़वी पानी से भरी हुई मिली तो क्षेत्र में खुशहाली बनी रहेगी। यदि गड़वी में पानी कम मिला तो सूखे के हालात भी क्षेत्र के लोगों को देखने के लिए मिल सकते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसका निर्वहन क्षेत्र के लोग आज भी कर रहे हैं। कार्तिक स्वामी मंदिर के पुजारी मचलू राम शर्मा ने बताया कि 14 अप्रैल यानी बैसाख की संक्रांति वाले दिन सुबह 10 बजे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ कपाट खोले जाएंगे। श्रद्धालु इस दिन कार्तिक स्वामी के दर्शन करने के लिए मंदिर में पधार सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है मंदिर के कपाट खुलने के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की व्यवस्था मंदिर परिसर में करवाई जाए। कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट बैसाखी को लगभग 134 दिनों के बाद खुलेंगे। अपने अराध्य के दर्शन करने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पहुंचने की संभावना है।
13 को न आएं, मंदिर में नहीं है ठहराव की व्यवस्था : शर्मा
पंडित मचलू राम शर्मा ने बताया कि कोई भी श्रद्धालु 13 अप्रैल को मंदिर में न आए। मंदिर में रात्रि ठहराव की व्यवस्था नहीं होती है। सभी श्रद्धालु 14 फरवरी को सुबह ही मंदिर परिसर में पहुंचें। उन्होंने भरमौर प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि मंदिर के कपाट खुलने के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल उपलब्ध करवाया जाए।
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