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Chamba News: नाबालिग भाई के चेन्नई से लौटने के बाद होगा हॉस्टल में रहने का फैसला
Tue, 23 Dec 2025 11:13 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 23 Dec 2025 11:13 PM IST
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तेलका (चंबा)। ग्राम पंचायत भजोत्रा के मटवाड़ गांव के चार अनाथ बच्चों के हॉस्टल में रहने को लेकर प्रशासन नाबालिग भाई के चेन्नई से लौटने के बाद ही फैसला लेगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने परिवार के चारों बच्चों को हॉस्टल में रहकर शिक्षा ग्रहण करने की सलाह दी थी। इस सलाह पर प्रशासन अमल कर रहा है।
वहीं, इन नाबालिगों को पढ़ाई पूरी कर ही नौकरी करने की सलाह दी गई है। इन बच्चों के पिता का कुछ समय पहले निधन हो गया है और उनकी मां ने किसी ओर से शादी कर ली है। इस कारण तीन भाई-बहन जर्जर भवन में रह रहे थे और उनका नाबालिग भाई काम के लिए चेन्नई चला गया था। अब प्रशासन ने उसे बुला लिया है।
अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से सामने रखा था। इसके बाद प्रशासन और समाजसेवी बच्चों के पास पहुंच कर हरसंभव मदद कर रहे हैं। हाल ही में सलूणी के बीडीओ ने मौके पर पहुंच कर बच्चों के लिए मकान की नींव का पत्थर भी रखा है। ऐसे में अब बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रशासन ने कदमताल शुरू कर दी है।
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बड़ी बेटी निशा ने प्रशासन से कहा है कि उसके छोटे भाई के चेन्नई से आने के बाद इस बारे में कदम उठाया जाए। उधर, उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि चेन्नई में काम करने वाले बच्चे के लौटने के बाद ही इन बच्चों, ग्रामीणों और अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद ही फैसला लिया जाएगा कि ये बच्चे हॉस्टल में रहेंगे या घर पर ही शिक्षा ग्रहण करेंगे।
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वहीं, इन नाबालिगों को पढ़ाई पूरी कर ही नौकरी करने की सलाह दी गई है। इन बच्चों के पिता का कुछ समय पहले निधन हो गया है और उनकी मां ने किसी ओर से शादी कर ली है। इस कारण तीन भाई-बहन जर्जर भवन में रह रहे थे और उनका नाबालिग भाई काम के लिए चेन्नई चला गया था। अब प्रशासन ने उसे बुला लिया है।
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अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से सामने रखा था। इसके बाद प्रशासन और समाजसेवी बच्चों के पास पहुंच कर हरसंभव मदद कर रहे हैं। हाल ही में सलूणी के बीडीओ ने मौके पर पहुंच कर बच्चों के लिए मकान की नींव का पत्थर भी रखा है। ऐसे में अब बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रशासन ने कदमताल शुरू कर दी है।
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बड़ी बेटी निशा ने प्रशासन से कहा है कि उसके छोटे भाई के चेन्नई से आने के बाद इस बारे में कदम उठाया जाए। उधर, उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि चेन्नई में काम करने वाले बच्चे के लौटने के बाद ही इन बच्चों, ग्रामीणों और अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद ही फैसला लिया जाएगा कि ये बच्चे हॉस्टल में रहेंगे या घर पर ही शिक्षा ग्रहण करेंगे।