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Chamba News: पांगी के डिपो में नहीं पहुंची पर्याप्त बालन की खेप
Tue, 21 Oct 2025 08:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 21 Oct 2025 08:55 PM IST
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पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी में पर्याप्त बालन (लकड़ी) की सप्लाई नहीं पहुंच पाई है। जिस कारण पांगीवासी ठंड में ठिठुरने के लिए विवश हैं। रोजाना डिपो पहुंचने पर पुरानी सड़ी-गली लकड़ी देखकर ग्रामीण वापसी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नवंबर माह से पूर्व बालन की और खेप पांगी नहीं पहुंचती है तो लोगाें को ठंड में ठिठुरते हुए ही समय व्यतीत करना होगा।
पांगीवासी राजीव कुमार, अमित कुमार, केसर सिंह, योगराज, जगदीप सिंह, रोशन लाल और अशोक कुमार ने बताया कि इस बार अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में पांगी में जमकर बर्फबारी हो चुकी है। इसके बाद पांगी में शीतलहर का प्रकोप काफी बढ़ चुका है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि सर्दियों में पांगी में और भी अधिक ठंड होगी। बावजूद इसके पांगी में अब तक बालन की पर्याप्त खेप नहीं पहुंच पाई है। अब तक पांगी में पांच से 10 क्विंटल खेप ही डिपो में पहुंची है, जो कि पिछले साल की तुलना में काफी कम हैं।
उन्होंने बताया कि हर साल पांगी में 35 से 40 क्विंटल आग सेंकने के लिए लकड़ी बिकती है। बावजूद इसके बालन की पर्याप्त सप्लाई पांगी में नहीं पहुंच पाई है। इस डिपो से ग्राम पंचायत किलाड़ प्रथम, किलाड़, हुडान करयूणी और करयास समेत सुराल तक सप्लाई होती है। इतना ही नहीं, पांगी मुख्यालय स्थित अधिकारी वर्ग या व्यापारी वर्ग, समेत शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने के लिए पहुंचे विद्यार्थी भी यहीं से बालन लेकर जलाने को लेकर जाते हैं। बावजूद इसके बालन की सप्लाई पर्याप्त न होना लोगों की चिंताएं बढ़ा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और पांगी प्रशासन से पांगी में बालन की सप्लाई जल्द पहुंचाने की मांग की है।
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पांगीवासी राजीव कुमार, अमित कुमार, केसर सिंह, योगराज, जगदीप सिंह, रोशन लाल और अशोक कुमार ने बताया कि इस बार अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में पांगी में जमकर बर्फबारी हो चुकी है। इसके बाद पांगी में शीतलहर का प्रकोप काफी बढ़ चुका है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि सर्दियों में पांगी में और भी अधिक ठंड होगी। बावजूद इसके पांगी में अब तक बालन की पर्याप्त खेप नहीं पहुंच पाई है। अब तक पांगी में पांच से 10 क्विंटल खेप ही डिपो में पहुंची है, जो कि पिछले साल की तुलना में काफी कम हैं।
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उन्होंने बताया कि हर साल पांगी में 35 से 40 क्विंटल आग सेंकने के लिए लकड़ी बिकती है। बावजूद इसके बालन की पर्याप्त सप्लाई पांगी में नहीं पहुंच पाई है। इस डिपो से ग्राम पंचायत किलाड़ प्रथम, किलाड़, हुडान करयूणी और करयास समेत सुराल तक सप्लाई होती है। इतना ही नहीं, पांगी मुख्यालय स्थित अधिकारी वर्ग या व्यापारी वर्ग, समेत शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने के लिए पहुंचे विद्यार्थी भी यहीं से बालन लेकर जलाने को लेकर जाते हैं। बावजूद इसके बालन की सप्लाई पर्याप्त न होना लोगों की चिंताएं बढ़ा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और पांगी प्रशासन से पांगी में बालन की सप्लाई जल्द पहुंचाने की मांग की है।
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