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Chamba News: बागों में बहार, विभाग में खाली पड़ा दरबार
Wed, 30 Sep 2026 10:16 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 30 Sep 2026 10:16 PM IST
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तीसा में पांच, सलूणी में दो और मैहला में छह साल से उद्यान प्रसार अधिकारी का इंतजार कर रहे बागवान
जिले में करीब एक लाख बागवान, 30 प्रतिशत स्टाफ की कमी से योजनाओं, तकनीकी सलाह का काम प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में बागवानी लगातार फैल रही है। सेब, अखरोट समेत अन्य फलों की पैदावार से हजारों परिवारों की आर्थिकी जुड़ी है, लेकिन बागवानों को तकनीकी सलाह और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने वाला उद्यान विभाग खुद अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है।
जिले के तीन ब्लॉकों में उद्यान विकास अधिकारी के पद खाली हैं। कई उपकेंद्रों में उद्यान प्रसार अधिकारी नहीं होने से एक अधिकारी को दो-दो उपकेंद्रों का जिम्मा संभालना पड़ रहा है।
तीसा में करीब पांच वर्षों से उद्यान प्रसार अधिकारी का पद खाली है। सलूणी में दो और मैहला में करीब छह वर्षों से इस पद पर तैनाती नहीं हुई है। करीब 30 प्रतिशत स्टाफ की कमी का असर खासकर दूरदराज के बागवानों पर पड़ रहा है। फसल में रोग या कीट लगने पर मौके पर तकनीकी सलाह मिलने में देरी होती है। वहीं विभागीय योजनाओं और अनुदान की जानकारी भी गांवों तक समय पर नहीं पहुंच पा रही है।
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बागवानी हमारी आर्थिकी का बड़ा सहारा है। फसल में बीमारी या दूसरी समस्या आने पर अगर विभागीय अधिकारी नियमित रूप से उपलब्ध हों तो समय पर तकनीकी सलाह मिल सकती है और नुकसान को कम किया जा सकता है। - राकेश कुमार
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प्रदेश सरकार बागवानों के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन गांवों में इनकी जानकारी समय पर नहीं पहुंच पाती है। संबंधित क्षेत्र में अधिकारी तैनात हों तो योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी आसान होगी। - अतुल ठाकुर
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दूरदराज के क्षेत्रों में छोटी-छोटी तकनीकी जानकारी के लिए भी बागवानों को परेशानी उठानी पड़ती है। अधिकारी नहीं होने से गांवों में जागरूकता शिविर और मौके पर तकनीकी मार्गदर्शन भी नियमित नहीं हो पाता। - मनजीत ठाकुर
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पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण बागवानों को सरकार की योजनाओं और विभागीय सुविधाओं की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती है। इसका सबसे ज्यादा असर दूरदराज के क्षेत्रों के बागवानों पर पड़ रहा है। - संजीव ठाकुर
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उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने बताया कि विभाग में स्टाफ की कमी है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी के बावजूद जिले के बागवान मेहनत कर अच्छी फसल तैयार कर रहे हैं। रिक्त पदों पर जल्द तैनाती होने की उम्मीद है।
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जिले में करीब एक लाख बागवान, 30 प्रतिशत स्टाफ की कमी से योजनाओं, तकनीकी सलाह का काम प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में बागवानी लगातार फैल रही है। सेब, अखरोट समेत अन्य फलों की पैदावार से हजारों परिवारों की आर्थिकी जुड़ी है, लेकिन बागवानों को तकनीकी सलाह और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने वाला उद्यान विभाग खुद अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है।
जिले के तीन ब्लॉकों में उद्यान विकास अधिकारी के पद खाली हैं। कई उपकेंद्रों में उद्यान प्रसार अधिकारी नहीं होने से एक अधिकारी को दो-दो उपकेंद्रों का जिम्मा संभालना पड़ रहा है।
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तीसा में करीब पांच वर्षों से उद्यान प्रसार अधिकारी का पद खाली है। सलूणी में दो और मैहला में करीब छह वर्षों से इस पद पर तैनाती नहीं हुई है। करीब 30 प्रतिशत स्टाफ की कमी का असर खासकर दूरदराज के बागवानों पर पड़ रहा है। फसल में रोग या कीट लगने पर मौके पर तकनीकी सलाह मिलने में देरी होती है। वहीं विभागीय योजनाओं और अनुदान की जानकारी भी गांवों तक समय पर नहीं पहुंच पा रही है।
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बागवानी हमारी आर्थिकी का बड़ा सहारा है। फसल में बीमारी या दूसरी समस्या आने पर अगर विभागीय अधिकारी नियमित रूप से उपलब्ध हों तो समय पर तकनीकी सलाह मिल सकती है और नुकसान को कम किया जा सकता है। - राकेश कुमार
प्रदेश सरकार बागवानों के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन गांवों में इनकी जानकारी समय पर नहीं पहुंच पाती है। संबंधित क्षेत्र में अधिकारी तैनात हों तो योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी आसान होगी। - अतुल ठाकुर
दूरदराज के क्षेत्रों में छोटी-छोटी तकनीकी जानकारी के लिए भी बागवानों को परेशानी उठानी पड़ती है। अधिकारी नहीं होने से गांवों में जागरूकता शिविर और मौके पर तकनीकी मार्गदर्शन भी नियमित नहीं हो पाता। - मनजीत ठाकुर
पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण बागवानों को सरकार की योजनाओं और विभागीय सुविधाओं की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती है। इसका सबसे ज्यादा असर दूरदराज के क्षेत्रों के बागवानों पर पड़ रहा है। - संजीव ठाकुर
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने बताया कि विभाग में स्टाफ की कमी है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी के बावजूद जिले के बागवान मेहनत कर अच्छी फसल तैयार कर रहे हैं। रिक्त पदों पर जल्द तैनाती होने की उम्मीद है।