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Chamba News: हस्ताक्षर के सैंपल खोलेंगे सवा करोड़ रुपये की गड़बड़ी में मिलीभगत का राज

Mon, 04 May 2026 10:55 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Mon, 04 May 2026 10:55 PM IST
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Signature samples will reveal the secret of collusion in the Rs 1.25 crore scam.
पुलिस ने पांच वार्ड सदस्यों के हस्ताक्षर सैंपल जांच को भेजे फोरेंसिक लैब
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सवा करोड़ के सेब पौधों की खरीद फरोख्त में गड़बड़ी की चल रही है जांच
फाइल, बिल और ट्रक ढुलान में किए गए हस्ताक्षरों का किया जाएगा मिलान
प्रवीण कुमार
चंबा। सवा करोड़ के सेब पौधों की खरीद-फरोख्त की गड़बड़ी में फंसे पांच वार्ड मेंबरों के हस्ताक्षर मिलान के लिए फोरेंसिक लैब में भेजे गए हैं।
मनरेगा के तहत हुए इस कार्य के बिलों, ट्रक ढुलान, फाइल में हुए हस्ताक्षर का मिलान करने के लिए पांचों वार्ड मेंबरों के हस्ताक्षर सैंपल लिए गए हैं। इन्हें अदालत में भी पेश किया गया है। हस्ताक्षरों का मिलान करने के लिए पुलिस की फोरेंसिक लैब में जांच होगी। पता लगाया जाएगा कि सेब पौधों की खरीद-फरोख्त में हुए पैसों के भुगतान में इस्तेमाल हुए हस्ताक्षर वार्ड मेंबरों के हैं या नहीं। इसमें यदि मिलान सही नहीं हुआ तो अब तक आरोपी बने वार्ड सदस्य इसमें बच भी सकते हैं लेकिन यदि मिलान सही पाया गया तो उन पर सजा की तलवार लटक जाएगी। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। अदालत से जमानत लेकर रिहा चल रहे हैं।

पंचायत में 48000 सेब के पौधे आठ स्थानों पर लगाए जाने थे लेकिन धरातल पर मात्र 19000 पौधे ही मिले। इन्हें रोपित करने में भी गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं रखा गया था। साथ ही सेब पौधों की खरीद में उद्यान विभाग की भी राय नहीं ली गई थी। पंचायत को सख्त निर्देश थे कि पौधे खरीदते समय उद्यान विभाग के अधिकारी से गुणवत्ता जांच अवश्य करवाएं लेकिन सनवाल पंचायत में इन नियमों को दरकिनार किया गया।
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वार्डों में रातोंरात लगाए जा रहे थे पौधे
मामले की शिकायत होने पर आरोपियों ने रातोंरात वार्डों में सेब के पौधे लगाने का प्रयास किया लेकिन इसकी भनक लगते ही पुलिस और अन्य अधिकारी वहां पहुंच गए। ऐसे में आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए।
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सरकार ने सस्पेंड किया है तत्कालीन बीडीओ
इस मामले में तत्कालीन बीडीओ को सरकार ने सस्पेंड कर दिया था। एक ओर तत्कालीन बीडीओ पुलिस की जांच में फंस सकता है क्योंकि पैसों का सारा भुगतान बीडीओ की मंजूरी के बाद ही हुआ है।

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पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। पांच वार्ड सदस्यों के हस्ताक्षर के सैंपल संबंधित कार्य में हुए भुगतान के बिलों से मिलान करवाने के लिए फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं। इसकी रिपोर्ट आने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। - विजय सकलानी, पुलिस अधीक्षक
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