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Chamba News: हाथोंहाथ बिक रहे शकुंतला के हाथ से तैयार खिलौने
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मिंजर मेले में लगाती हैं स्टॉल, आचार की भी रहती है खूब मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर की रहने वाली शकुंतला के हाथ से बने बच्चों के खिलौने हाथोंहाथ बिक रहे हैं। वहीं, लोगों को उनके हाथों से बना आचार भी खूब भा रहा है। उनके हाथों से बने आचार की दिल्ली तक मांग रहती है। वह अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में खुद बनाए उत्पादों के स्टॉल लगाती हैं। शकुंतला ने दावा किया है कि पिछले साल मिंजर मेले में लगभग पचास हजार की कमाई की है। स्वयं सहायता समूह के साथ जुड़कर अन्य कई महिलाओं को उन्होंने रोजगार दिया है। वर्तमान में उन्होंने मेले के दौरान बेचने के लिए टेडी बियर से लेकर अन्य उत्पादों को तैयार किया है। शकुंतला का कहना है कि पति की मौत के बाद परिवार के पालन-पोषण का जिम्मा उनके कंधों पर आ गया लेकिन, उन्होंने हार न मानते हुए शहरी राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता ग्रुप से जुड़कर लोन लिया। साथ ही अपना रोजगार शुरू किया। उन्होंने कहा कि वह करेला, नींबू, आम, अदरक और लहसुन का आचार तैयार करती हैं। हर साल मिंजर में उनकी ओर से बनाए गए आचार की अच्छी बिक्री होती है। आचार बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। कहा कि अब तक उनका आचार दिल्ली, चंडीगढ़ और शिमला तक पहुंच चुका है। उनके पास विभिन्न प्रकार के तैयार आचार की काफी मांग रहती है। इस बार बच्चों के खिलौने भी उन्होंने मिंजर मेले में बेचने के लिए तैयार किए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर की रहने वाली शकुंतला के हाथ से बने बच्चों के खिलौने हाथोंहाथ बिक रहे हैं। वहीं, लोगों को उनके हाथों से बना आचार भी खूब भा रहा है। उनके हाथों से बने आचार की दिल्ली तक मांग रहती है। वह अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में खुद बनाए उत्पादों के स्टॉल लगाती हैं। शकुंतला ने दावा किया है कि पिछले साल मिंजर मेले में लगभग पचास हजार की कमाई की है। स्वयं सहायता समूह के साथ जुड़कर अन्य कई महिलाओं को उन्होंने रोजगार दिया है। वर्तमान में उन्होंने मेले के दौरान बेचने के लिए टेडी बियर से लेकर अन्य उत्पादों को तैयार किया है। शकुंतला का कहना है कि पति की मौत के बाद परिवार के पालन-पोषण का जिम्मा उनके कंधों पर आ गया लेकिन, उन्होंने हार न मानते हुए शहरी राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता ग्रुप से जुड़कर लोन लिया। साथ ही अपना रोजगार शुरू किया। उन्होंने कहा कि वह करेला, नींबू, आम, अदरक और लहसुन का आचार तैयार करती हैं। हर साल मिंजर में उनकी ओर से बनाए गए आचार की अच्छी बिक्री होती है। आचार बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। कहा कि अब तक उनका आचार दिल्ली, चंडीगढ़ और शिमला तक पहुंच चुका है। उनके पास विभिन्न प्रकार के तैयार आचार की काफी मांग रहती है। इस बार बच्चों के खिलौने भी उन्होंने मिंजर मेले में बेचने के लिए तैयार किए हैं।