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स्कूलों में रौनक लौटी, बारिश में उत्साह के साथ पहुंचे विद्यार्थी
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रावमापा बॉयज चंबा में क्लास में जाने से पहले बच्चे के हाथ सैनिटाईज करवाता अध्यापक।
- फोटो : Chamba
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चंबा। दिन वीरवार। समय सुबह 8:45 बजे। स्थान राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा। स्कूल गेट से विद्यार्थी प्रवेश कर रहे हैं। विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। विद्यार्थियों को एक-एक कर कक्षाओं में भेजा जा रहा है।
अध्यापक भी बच्चों को सही ढंग से मास्क पहनने के बारे में निर्देश दे रहे हैं। उन्हें सामाजिक दूरी नियम को पालन करने के बारे में बताया जा रहा है। समय 9:05 बजे विद्यार्थी कक्षाओं में पहुंच रहे हैं। शिक्षक एक डेस्क परप एक विद्यार्थी को बिठा रहे हैं। 9:15 बजे पढ़ाई शुरू। अलग-अलग कक्षाओं में विद्यार्थी पहुंच रहे हैं।
जिला में वीरवार को ग्रीष्मकालीन सत्र के स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था ऑफलाइन शुरू हुई। बच्चों में स्कूल पहुंचने के लिए काफी उत्साह देखा गया। विद्यार्थी काफी दिनों के बाद एक-दूसरे से मिले और सामाजिक दूरी नियम की पालना करते हुए एक दूसरे के साथ भी करते रहे। खराब मौसम के चलते भी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। बारिश भी स्कूल आने के लिए बच्चों का उत्साह कम न कर सकी।
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गौरतलब है कि 31 दिसंबर को जिला के ग्रीष्मकालीन सत्र के स्कूलों को आठ दिनों का अवकाश दिया। आठ जनवरी को स्कूल खुलने थे। मगर इसी बीच कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण स्कूलों को सरकार ने बंद कर दिया। बहरहाल अब सरकार ने वीरवार से फिर स्कूल खोल दिए हैं।
ऑफलाइन पढ़ाई बेहतर
नवमी के मोक्ष ने बताया कि करीब एक माह बाद स्कूल खुले हैं। सरकार को स्कूल बंद नहीं करने चाहिए। ऑफलाइन पढ़ाई ज्यादा बेहतर है।
स्कूल बंद न करें
दसवीं कक्षा के छात्र बादल का कहना है कि उनकी बोर्ड की कक्षा है। ऐसे में बार-बार स्कूल बंद होने से परीक्षाओं की तैयारी नहीं हो पा रही है। सरकार स्कूलों को बंद न करें।
पढ़ाई में होगी आसानी
दसवीं कक्षा की छात्रा अर्पिता शर्मा का कहना है कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए सरकार ने बेहतर प्रबंध किए हैं। बच्चों को वैक्सीन भी लग गई है। स्कूल खुलने से पढ़ाई करने में दिक्कत नहीं होगी।
बच्चों को भी लग चुके टीके
दसवीं कक्षा की छात्रा कामिनी ठाकुर का कहना है कि सरकार कोरोना महामारी के चलते बार-बार स्कूल बंद कर रही है। उन्होंने बताया कि स्कूल अब सरकार को बंद नहीं करने चाहिए। स्टाफ और सभी बच्चे वैक्सीनेट हो गए है।
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अध्यापक भी बच्चों को सही ढंग से मास्क पहनने के बारे में निर्देश दे रहे हैं। उन्हें सामाजिक दूरी नियम को पालन करने के बारे में बताया जा रहा है। समय 9:05 बजे विद्यार्थी कक्षाओं में पहुंच रहे हैं। शिक्षक एक डेस्क परप एक विद्यार्थी को बिठा रहे हैं। 9:15 बजे पढ़ाई शुरू। अलग-अलग कक्षाओं में विद्यार्थी पहुंच रहे हैं।
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जिला में वीरवार को ग्रीष्मकालीन सत्र के स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था ऑफलाइन शुरू हुई। बच्चों में स्कूल पहुंचने के लिए काफी उत्साह देखा गया। विद्यार्थी काफी दिनों के बाद एक-दूसरे से मिले और सामाजिक दूरी नियम की पालना करते हुए एक दूसरे के साथ भी करते रहे। खराब मौसम के चलते भी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। बारिश भी स्कूल आने के लिए बच्चों का उत्साह कम न कर सकी।
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गौरतलब है कि 31 दिसंबर को जिला के ग्रीष्मकालीन सत्र के स्कूलों को आठ दिनों का अवकाश दिया। आठ जनवरी को स्कूल खुलने थे। मगर इसी बीच कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण स्कूलों को सरकार ने बंद कर दिया। बहरहाल अब सरकार ने वीरवार से फिर स्कूल खोल दिए हैं।
ऑफलाइन पढ़ाई बेहतर
नवमी के मोक्ष ने बताया कि करीब एक माह बाद स्कूल खुले हैं। सरकार को स्कूल बंद नहीं करने चाहिए। ऑफलाइन पढ़ाई ज्यादा बेहतर है।
स्कूल बंद न करें
दसवीं कक्षा के छात्र बादल का कहना है कि उनकी बोर्ड की कक्षा है। ऐसे में बार-बार स्कूल बंद होने से परीक्षाओं की तैयारी नहीं हो पा रही है। सरकार स्कूलों को बंद न करें।
पढ़ाई में होगी आसानी
दसवीं कक्षा की छात्रा अर्पिता शर्मा का कहना है कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए सरकार ने बेहतर प्रबंध किए हैं। बच्चों को वैक्सीन भी लग गई है। स्कूल खुलने से पढ़ाई करने में दिक्कत नहीं होगी।
बच्चों को भी लग चुके टीके
दसवीं कक्षा की छात्रा कामिनी ठाकुर का कहना है कि सरकार कोरोना महामारी के चलते बार-बार स्कूल बंद कर रही है। उन्होंने बताया कि स्कूल अब सरकार को बंद नहीं करने चाहिए। स्टाफ और सभी बच्चे वैक्सीनेट हो गए है।