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खज्जियार स्कूल के क्लास रूम में दो छात्राएं हो गई बेहोश,
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डीके शर्मा
खज्जियार(चंबा)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खज्जियार में वीरवार को दो छात्राएं बेहोश हो गई। यह घटना सुबह करीब साढ़े दस बजे पेश आया। स्कूल में तैनात अध्यापकों ने बच्चों को उपचार के लिए आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी पहुंचाया। लेकिन, वहां चिकित्सक का पद रिक्त होने और फार्मासिस्ट के न होने से अध्यापक छात्राओं को लेकर चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार छात्राओं को दिया गया। इसके बाद छात्राओं को छुट्टी दे दी गई।
हैरानी की बात है कि घर द्वार स्वास्थ्य सेवाओं का दम भरने वाली सरकार आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी खज्जियार में तीन वर्षों से एक चिकित्सक और फार्मासिस्ट की स्थायी नियुक्ति नहीं कर पाई है। आलम ये है कि खज्जियार में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी है। लेकिन, यहां पर फार्मासिस्ट भी डेपुटेशन पर है। एक फार्मासिस्ट को दो-दो जगह ड्यूटी देनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे खज्जियार में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मांग कई बार उठा चुके हैं। लेकिन हर बार सरकार ने कोरा आश्वासन ही दिया है। इस बात को लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है।
ग्रामीण राकेश कुमार, धर्म चंद, सुरेश कुमार, बिमला देवी, उषा देवी, रोशन लाल, सूरज सिंह, देवी प्रकाश और कमल कुमार का कहना है कि इससे पहले भी स्कूल में बच्चे कई बार बीमार हो चुके हैं। मजबूरी में उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा लाना पड़ता है। स्कूल में तैनात अध्यापक आशीष कुमार का कहना है कि दो छात्राएं चक्कर आने से बेहोश हो गईं थी। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए चंबा ले जाया गया। अब वे स्वस्थ हैं।
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खज्जियार(चंबा)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खज्जियार में वीरवार को दो छात्राएं बेहोश हो गई। यह घटना सुबह करीब साढ़े दस बजे पेश आया। स्कूल में तैनात अध्यापकों ने बच्चों को उपचार के लिए आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी पहुंचाया। लेकिन, वहां चिकित्सक का पद रिक्त होने और फार्मासिस्ट के न होने से अध्यापक छात्राओं को लेकर चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार छात्राओं को दिया गया। इसके बाद छात्राओं को छुट्टी दे दी गई।
हैरानी की बात है कि घर द्वार स्वास्थ्य सेवाओं का दम भरने वाली सरकार आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी खज्जियार में तीन वर्षों से एक चिकित्सक और फार्मासिस्ट की स्थायी नियुक्ति नहीं कर पाई है। आलम ये है कि खज्जियार में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी है। लेकिन, यहां पर फार्मासिस्ट भी डेपुटेशन पर है। एक फार्मासिस्ट को दो-दो जगह ड्यूटी देनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे खज्जियार में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मांग कई बार उठा चुके हैं। लेकिन हर बार सरकार ने कोरा आश्वासन ही दिया है। इस बात को लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है।
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ग्रामीण राकेश कुमार, धर्म चंद, सुरेश कुमार, बिमला देवी, उषा देवी, रोशन लाल, सूरज सिंह, देवी प्रकाश और कमल कुमार का कहना है कि इससे पहले भी स्कूल में बच्चे कई बार बीमार हो चुके हैं। मजबूरी में उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा लाना पड़ता है। स्कूल में तैनात अध्यापक आशीष कुमार का कहना है कि दो छात्राएं चक्कर आने से बेहोश हो गईं थी। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए चंबा ले जाया गया। अब वे स्वस्थ हैं।
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