{"_id":"6ad79e2daebb3a45940a09a7","slug":"samaka-route-opened-following-a-chakka-jam-road-blockade-warning-chamba-news-c-88-1-ssml1004-200512-2026-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: चक्का जाम की चेतावनी के बाद खुला समाका मार्ग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: चक्का जाम की चेतावनी के बाद खुला समाका मार्ग
Tue, 20 Oct 2026 10:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 20 Oct 2026 10:49 PM IST
विज्ञापन
कोड़ला से उरेई मार्ग पर कार्य करतेलोक निर्माण विभाग के मजदूर। विभाग
तीन महीने बाद छोटे वाहनों की आवाजाही बहाल, बड़े वाहनों के लिए अभी इंतजार बरकरार
26 लाख का टेंडर आवंटित, फिर भी स्थायी समाधान नहीं; बारिश में दोबारा बंद होने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित होली दौरे के दौरान चक्का जाम करने की चेतावनी के बाद लोक निर्माण विभाग ने समाका में धंसे अंदराड़-इंद्रनाग-सामरा मार्ग को खोलने का काम तेज किया।
सोमवार शाम करीब छह बजे तीन माह से अधिक समय बाद मार्ग छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया। हालांकि, बड़े वाहनों की आवाजाही अब भी शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में रूणुह कोठी, सामरा और आसपास के गांवों के लोगों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
समाका में करीब 40 मीटर सड़क धंसने से ग्रामीणों को वाया रूणुह कोठी होकर सामरा पहुंचने के लिए आठ से दस किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा था। इससे राशन की आपूर्ति, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। ग्रामीणों ने 1100 नंबर पर भी शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद विभाग ने मरम्मत का काम तेज किया।
विज्ञापन
रूणुह कोठी पंचायत प्रधान इंदिरा ठाकुर और ग्रामीण संजू ठाकुर, सुनील कुमार व चमन लाल का कहना है कि छोटे वाहनों के लिए रास्ता खुलने से कुछ राहत मिली है, लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही बहाल होने तक समस्या बनी रहेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि 26 लाख रुपये का टेंडर आवंटित होने के बावजूद सड़क की समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पाया।
ग्रामीणों ने पहाड़ी की कटाई, कथित अनियंत्रित ब्लास्टिंग और पानी के रिसाव को सड़क क्षतिग्रस्त होने की वजह बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्हें आशंका है कि बारिश होने पर सड़क दोबारा बंद हो सकती है।
उधर, लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता मनोज ठाकुर ने बताया कि सोमवार शाम छह बजे छोटे वाहनों के लिए मार्ग खोल दिया गया। उन्होंने कहा कि काम के दौरान विभागीय श्रमिकों की टीम बाल-बाल बची। सड़क सुधार के लिए 26 लाख रुपये का टेंडर आवंटित है। फिलहाल अस्थायी व्यवस्था की गई है और स्थायी यातायात बहाली के लिए योजना बनाई जाएगी।
--
विज्ञापन
26 लाख का टेंडर आवंटित, फिर भी स्थायी समाधान नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित होली दौरे के दौरान चक्का जाम करने की चेतावनी के बाद लोक निर्माण विभाग ने समाका में धंसे अंदराड़-इंद्रनाग-सामरा मार्ग को खोलने का काम तेज किया।
सोमवार शाम करीब छह बजे तीन माह से अधिक समय बाद मार्ग छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया। हालांकि, बड़े वाहनों की आवाजाही अब भी शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में रूणुह कोठी, सामरा और आसपास के गांवों के लोगों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
विज्ञापन
समाका में करीब 40 मीटर सड़क धंसने से ग्रामीणों को वाया रूणुह कोठी होकर सामरा पहुंचने के लिए आठ से दस किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा था। इससे राशन की आपूर्ति, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। ग्रामीणों ने 1100 नंबर पर भी शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद विभाग ने मरम्मत का काम तेज किया।
विज्ञापन
रूणुह कोठी पंचायत प्रधान इंदिरा ठाकुर और ग्रामीण संजू ठाकुर, सुनील कुमार व चमन लाल का कहना है कि छोटे वाहनों के लिए रास्ता खुलने से कुछ राहत मिली है, लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही बहाल होने तक समस्या बनी रहेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि 26 लाख रुपये का टेंडर आवंटित होने के बावजूद सड़क की समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पाया।
ग्रामीणों ने पहाड़ी की कटाई, कथित अनियंत्रित ब्लास्टिंग और पानी के रिसाव को सड़क क्षतिग्रस्त होने की वजह बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्हें आशंका है कि बारिश होने पर सड़क दोबारा बंद हो सकती है।
उधर, लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता मनोज ठाकुर ने बताया कि सोमवार शाम छह बजे छोटे वाहनों के लिए मार्ग खोल दिया गया। उन्होंने कहा कि काम के दौरान विभागीय श्रमिकों की टीम बाल-बाल बची। सड़क सुधार के लिए 26 लाख रुपये का टेंडर आवंटित है। फिलहाल अस्थायी व्यवस्था की गई है और स्थायी यातायात बहाली के लिए योजना बनाई जाएगी।