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Chamba News: बत्ती दी हट्टी के पास भी पहाड़ी से गिरते हैं पत्थर
Sun, 05 Jul 2026 11:12 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 05 Jul 2026 11:12 PM IST
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बारिश के दौरान भरमौर नेशनल हाईवे पर खतरनाक होता है सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। बारिश के दौरान भरमौर एनएच पर सफर करना खतरनाक हो गया है। गैहरा के पास बत्ती दी हट्टी नामक स्थान पर किसी भी समय भूस्खलन या पत्थर गिरने लगते हैं।
सड़क पर गड्ढों की भरमार भी अधिक है। शनिवार रात को हुई बारिश के बाद रविवार को बत्ती दी हट्टी के पास बस पर पत्थर गिरने से एक युवक की मौत हो गई। बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में बारिश के दौरान इस मार्ग पर यात्रा करने से लोग डर रहे हैं। एनएच प्राधिकरण सुरक्षा के लिए वहां कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं कर पा रहा है।
मणिमहेश यात्रा सितंबर माह में शुरू हो जाएगा। उस दौरान भी बारिश होने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में श्रद्धालु भी यात्रा पर जाने या न जाने की असमंजस में फंसे हैं। स्थानीय लोगों में हरीश कुमार, प्रहलाद, सुरेंद्र, जय किशन, मनोज कुमार, केवल, सुरेंद्र, हंसराज और सूरज ने बताया कि जिन स्थानों में पत्थर गिरते रहते हैं या भूस्खलन होता रहता है, वहां सीमेंट की स्प्रे होनी चाहिए। एनएचपीसी सीएसआर के तहत इस कार्य के लिए धन की व्यवस्था कर सकती है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि मणिमहेश यात्रा को ध्यान में रखते हुए ऐसे सभी स्थानों पर लोगों की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएं। एनएच के अधिशासी अभियंता जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि दुर्घटना संभावित स्थानों को ठीक करवाया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। बारिश के दौरान भरमौर एनएच पर सफर करना खतरनाक हो गया है। गैहरा के पास बत्ती दी हट्टी नामक स्थान पर किसी भी समय भूस्खलन या पत्थर गिरने लगते हैं।
सड़क पर गड्ढों की भरमार भी अधिक है। शनिवार रात को हुई बारिश के बाद रविवार को बत्ती दी हट्टी के पास बस पर पत्थर गिरने से एक युवक की मौत हो गई। बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में बारिश के दौरान इस मार्ग पर यात्रा करने से लोग डर रहे हैं। एनएच प्राधिकरण सुरक्षा के लिए वहां कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं कर पा रहा है।
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मणिमहेश यात्रा सितंबर माह में शुरू हो जाएगा। उस दौरान भी बारिश होने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में श्रद्धालु भी यात्रा पर जाने या न जाने की असमंजस में फंसे हैं। स्थानीय लोगों में हरीश कुमार, प्रहलाद, सुरेंद्र, जय किशन, मनोज कुमार, केवल, सुरेंद्र, हंसराज और सूरज ने बताया कि जिन स्थानों में पत्थर गिरते रहते हैं या भूस्खलन होता रहता है, वहां सीमेंट की स्प्रे होनी चाहिए। एनएचपीसी सीएसआर के तहत इस कार्य के लिए धन की व्यवस्था कर सकती है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि मणिमहेश यात्रा को ध्यान में रखते हुए ऐसे सभी स्थानों पर लोगों की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएं। एनएच के अधिशासी अभियंता जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि दुर्घटना संभावित स्थानों को ठीक करवाया जा रहा है।
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