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Chamba News: लावारिस मवेशियों की आरामगाह बनीं सड़कें

Wed, 20 May 2026 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Wed, 20 May 2026 10:43 PM IST
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Roads have become a resting place for stray cattle
सिहुंता क्षेत्र की सड़कों, बाजारों और संपर्क मार्गों पर दिनभर रहता है मवेशियों का कब्जा
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लोग बोले- पैदल चलना भी हुआ मुश्किल, कई बार पीछे दौड़ते हैं लावारिस मवेशी
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सिहुंता की सड़कों पर अब मंजिलों से पहले मवेशियों की चौकसी मिलती है जहां रफ्तार नहीं, बल्कि रुकावटें रोज का नियम बन चुकी हैं। गरनोटा से ककरोटी घट्टा तक सड़कें सफर के लिए नहीं, बल्कि लावारिस झुंडों के ठहराव के लिए इस्तेमाल होती दिख रही हैं। ऐसे में आम लोगों का हर कदम सिर्फ दूरी तय नहीं करता, बल्कि एक अनदेखे खतरे को पार करने की कोशिश बन जाता है। ऐसे लगता है कि सड़कें लावारिस मवेशियों की आरामगाह बन गई हैं। सिहुंता में 70 लाख रुपये से बना गोसदन खाली पड़ा है और मवेशी सड़कों पर घूम रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। सिहुंता परिक्षेत्र में लावारिस मवेशियों की बढ़ती समस्या लोगों के लिए खतरा बनती जा रही है। क्षेत्र की मुख्य सड़कों, बाजारों और संपर्क मार्गों पर दिनभर मवेशियों का कब्जा रहता है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह सड़कें मवेशियों का स्थायी ठिकाना बन गई हैं। आम लोगों का सुरक्षित निकलना मुश्किल हो गया है।
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बुधवार को सुबह के समय 11 बजे गरनोटा में सड़क के दोनों ओर लावारिस मवेशी बैठे दिखे। वाहन चालकों का गुजरना मुश्किल हो रहा है। राहगीर तो पैदल चलने में भी डर रहे हैं कि कहीं मवेशी उनके पीछे न आ जाएं। 11:30 बजे कामला के पास भी लावारिस मवेशियों का झुंड बैठा हुआ दिखा। कई मवेशी बीच सड़क पर चलते दिखे। वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी हुई। दोपहर 12 बजे द्रमनाला, ककरोटी घट्टा में भी ऐसे ही हालात दिखे। इससे न केवल यातायात प्रभावित हुआ, बल्कि हर समय दुर्घटना का खतरा भी बना रहा। कुलभूषण उपमन्यु, माधो राम, कर्म चंद, मनोहर लाल, पुरुषोत्तम सिंह, बिहारी लाल और अशोक कुमार ने बताया कि अब पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्गों ने बताया कि सुबह-शाम सैर करना तक मुश्किल हो गया है। कई बार मवेशी पीछे दौड़ते हैं।
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70 लाख से बनाया गोसदन, सड़क पर घूम रहे मवेशी
हैरानी की बात यह है कि सिहुंता में करीब 70 लाख रुपये खर्च कर गोसदन का निर्माण किया गया था ताकि लावारिस पशुओं को वहां रखा जा सके लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। गोसदन का समुचित उपयोग न होने के कारण मवेशी सड़कों पर घूम रहे हैं। आम जनता परेशानी झेल रही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि समस्या लगातार बढ़ रही है लेकिन समाधान के लिए प्रशासन ठोस कदम नहीं उठा रहा है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से लावारिस पशुओं को गोसदन में शिफ्ट करने की मांग की है।

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मामला ध्यान में है। प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द लावारिस मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए जिससे लोगों को परेशानी न हो। जल्द इस समस्या का समाधान किया जाएगा। - मनीष, एसडीएम
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