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Chamba News: सड़क का दंश ः मरीज को पहले अस्पताल पहुंचाने की चिंता, फिर घर लाने के लिए जद्दोजहद
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चंबा की करेरी पंचायत के चन्हान गांव के लोग बीमार महिला को कुर्सी पर बिठाकर ले जाते हुए
चुराह (चंबा)। चुराह विधानसभा क्षेत्र की करेरी पंचायत आज तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाई है।इसका खामियाजा ग्रामीणों का भुगतना पड़ रहा है। लोगों की मुश्किलें तब और बढ़ जाती हैं जब कोई गांव में बीमार हो जाता है। ऐसा ही वाकया पंचायत के चन्हाण गांव में देखने को मिला। सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों ने चन्हाण गांव की बीमार महिला को अस्पताल से इलाज करवाकर लौटने के बाद चार किलोमीटर पैदल चलकर कुर्सी के सहारे कंधों पर उठाकर गांव तक पहुंचाया, क्योंकि ग्रामीणों के पास बीमार महिला को घर तक पहुंचाने का अन्य कोई भी विकल्प मौजूद नहीं था। महिला का टांडा में ऑपरेशन करवाने के बाद परिजन मंगलवार को चंबा पहुंचे। गांव तक पहुंचने के लिए परिजनों को पहले एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों को मुख्य सड़क में बुलाना पड़ा। यहां से ग्रामीणों ने महिला को कुर्सी में बैठाकर अपने कंधों पर उठाया और गांव तक सफर तय किया। ग्रामीणों की मदद के बिना महिला को गांव तक पहुंचाना परिजनों के लिए काफी मुश्किल था।
जानकारी के मुताबिक करेरी पंचायत के चन्हाण गांव की रहने वाली शकीला पत्नी अफजल को एक माह पहले पेट में जोरदार दर्द उठा। परिजन ग्रामीणों की मदद से उसे पालकी में बैठाकर पहले चार किमी दूर डुल्लू मोड़ तक लेकर गए। यहां से निजी वाहन के जरिये महिला को अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पर डॉक्टरों ने उसे टांडा रेफर कर दिया। टांडा में उसका ऑपरेशन किया गया। एक महीने के उपचार के बाद उसे मंगलवार को छुट्टी मिली। ग्रामीणाें रफीक, सोनू, रजाक, मजीद और अफजल ने बताया कि करेरी पंचायत के तीन गांवों चन्हाण, फंगणोता और सरोथा की 2000 आबादी सड़क सुविधा से वंचित है। इसकी वजह से ग्रामीण रोजाना चार किमी पैदल सफर करने के लिए मजबूर हैं।
पंचायत प्रधान गोपाल चंद ने बताया कि तीन गांवों तक सड़क बनाने के लिए पंचायत में प्रस्ताव पास करके सरकार को भेजा जा चुका है लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। सरकार को दोबारा अवगत करवाया जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक करेरी पंचायत के चन्हाण गांव की रहने वाली शकीला पत्नी अफजल को एक माह पहले पेट में जोरदार दर्द उठा। परिजन ग्रामीणों की मदद से उसे पालकी में बैठाकर पहले चार किमी दूर डुल्लू मोड़ तक लेकर गए। यहां से निजी वाहन के जरिये महिला को अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पर डॉक्टरों ने उसे टांडा रेफर कर दिया। टांडा में उसका ऑपरेशन किया गया। एक महीने के उपचार के बाद उसे मंगलवार को छुट्टी मिली। ग्रामीणाें रफीक, सोनू, रजाक, मजीद और अफजल ने बताया कि करेरी पंचायत के तीन गांवों चन्हाण, फंगणोता और सरोथा की 2000 आबादी सड़क सुविधा से वंचित है। इसकी वजह से ग्रामीण रोजाना चार किमी पैदल सफर करने के लिए मजबूर हैं।
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पंचायत प्रधान गोपाल चंद ने बताया कि तीन गांवों तक सड़क बनाने के लिए पंचायत में प्रस्ताव पास करके सरकार को भेजा जा चुका है लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। सरकार को दोबारा अवगत करवाया जाएगा।
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