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Chamba News: दो नाग भाइयों के मिलने का गवाह बने चुवाड़ी के बाशिंदे
Fri, 13 Sep 2024 10:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 13 Sep 2024 10:35 PM IST
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चुवाड़ी में दो भाईयों के मिलन का गवाह बनने के लिए पहुंचे ग्रामीण। स्त्रोंत- संवाद
चुवाड़ी (चंबा)। चुवाड़ी कस्बे के सैकड़ों लोग दो भाइयों के मिलन का गवाह बने। प्रियुंगल से नाग बिंतरू के देव चिह्न साजो-सम्मान के साथ देव गूर पंक्ति में चुड़ाना, लाहड़, तलाटा, लग्गा होते हुए कुठेड़ स्थित नाग मंढौर पहुंचे।
कुठेड़ गांव में आराध्य देव नाग मंढौर का अपने भाई नाग बतरू महाराज के साथ भव्य मिलन हुआ। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए भक्तों का उमड़ा सैलाब बना।
नाग मंढौर के गूर करतार सिंह ने बताया कि नाग बिंतरू पांच दिन तक अपने भाई के साथ रहेंगे। पांच दिन बाद दोनों नाग साल भर के लिए एक-दूसरे से अलग हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि आठवीं जातर को नाग बितंरू महाराज वापस अपने निवास स्थान को लौट जाएंगे। नाग बिंतरू के कारवां का परयुंगल, चुडाना बनेट और टिपरी से सटे गांववासियों ने माथा टेका। इसके साथ ही बीच मार्ग में भी नाग बिंतरू देवता का लोगों ने भव्य स्वागत किया। साथ ही भंडारे का भी आयोजन किया। तीसरी जातर पर हजारों नाग भाइयों के मिलन पर हजारों लोगों ने आशीर्वाद लिया। आठ जातर मेले पर कुहेड गांव में रौनक छा गई है। नाग मंदिर में आठवीं जातर के दिन मेले का आयोजन होता है। इस दौरान नाग बिंतरू के गूर कई भविष्यवाणी करते हैं।
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कुठेड़ गांव में आराध्य देव नाग मंढौर का अपने भाई नाग बतरू महाराज के साथ भव्य मिलन हुआ। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए भक्तों का उमड़ा सैलाब बना।
नाग मंढौर के गूर करतार सिंह ने बताया कि नाग बिंतरू पांच दिन तक अपने भाई के साथ रहेंगे। पांच दिन बाद दोनों नाग साल भर के लिए एक-दूसरे से अलग हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि आठवीं जातर को नाग बितंरू महाराज वापस अपने निवास स्थान को लौट जाएंगे। नाग बिंतरू के कारवां का परयुंगल, चुडाना बनेट और टिपरी से सटे गांववासियों ने माथा टेका। इसके साथ ही बीच मार्ग में भी नाग बिंतरू देवता का लोगों ने भव्य स्वागत किया। साथ ही भंडारे का भी आयोजन किया। तीसरी जातर पर हजारों नाग भाइयों के मिलन पर हजारों लोगों ने आशीर्वाद लिया। आठ जातर मेले पर कुहेड गांव में रौनक छा गई है। नाग मंदिर में आठवीं जातर के दिन मेले का आयोजन होता है। इस दौरान नाग बिंतरू के गूर कई भविष्यवाणी करते हैं।
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