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Chamba News: पंजाब की तर्ज पर बनाई जाए नियमितीकरण की नीति
Sun, 07 Jun 2026 10:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 07 Jun 2026 10:34 PM IST
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हिमाचल प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री सुक्खू से उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है।
प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ ने पंजाब सरकार की तर्ज पर प्रदेश में भी स्थायी नीति लागू करने की अपील मुख्यमंत्री से की है। महासंघ का कहना है कि वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हजारों कर्मचारी आज भी भविष्य को लेकर असुरक्षित हैं जबकि कई कर्मचारी ड्यूटी के दौरान अपनी जान तक गंवा चुके हैं। ऐसे में अब कर्मचारी वर्ग केवल आश्वासन नहीं, बल्कि एक ठोस और स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहा है।
महासंघ के जिला अध्यक्ष ललित शर्मा ने प्रेस बयान में सरकार से मांग की है कि जिस प्रकार पंजाब सरकार ने लगभग 65,000 आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण की नीति बनाने का निर्णय लिया है। उसी प्रकार हिमाचल में कार्यरत लगभग 40,000 आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी स्थायी नीति लाई जाए। प्रदेश में हजारों आउटसोर्स कर्मचारी लगभग 25 वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। आज भी उनके भविष्य को लेकर कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। कई कर्मचारी जोखिम भरे कार्यों के दौरान जान गंवा चुके हैं। विद्युत बोर्ड में ही लगभग 10 कर्मचारी ड्यूटी के दौरान जान गंवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी आश्वासन नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और सम्मान के लिए ठोस निर्णय चाहते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है।
प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ ने पंजाब सरकार की तर्ज पर प्रदेश में भी स्थायी नीति लागू करने की अपील मुख्यमंत्री से की है। महासंघ का कहना है कि वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हजारों कर्मचारी आज भी भविष्य को लेकर असुरक्षित हैं जबकि कई कर्मचारी ड्यूटी के दौरान अपनी जान तक गंवा चुके हैं। ऐसे में अब कर्मचारी वर्ग केवल आश्वासन नहीं, बल्कि एक ठोस और स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहा है।
महासंघ के जिला अध्यक्ष ललित शर्मा ने प्रेस बयान में सरकार से मांग की है कि जिस प्रकार पंजाब सरकार ने लगभग 65,000 आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण की नीति बनाने का निर्णय लिया है। उसी प्रकार हिमाचल में कार्यरत लगभग 40,000 आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी स्थायी नीति लाई जाए। प्रदेश में हजारों आउटसोर्स कर्मचारी लगभग 25 वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। आज भी उनके भविष्य को लेकर कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। कई कर्मचारी जोखिम भरे कार्यों के दौरान जान गंवा चुके हैं। विद्युत बोर्ड में ही लगभग 10 कर्मचारी ड्यूटी के दौरान जान गंवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी आश्वासन नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और सम्मान के लिए ठोस निर्णय चाहते हैं।
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