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Chamba News: गूगल में दर्ज हुआ चंबा में मिले सफेद बंदर का रिकॉर्ड
Mon, 23 Mar 2026 10:33 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 23 Mar 2026 10:33 PM IST
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देश में असम के बाद चंबा में देखा गया यह दुर्लभ बंदर
वन्य प्राणी विभाग के रिकॉर्ड में भी दर्ज हुई जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। प्रदेश का पहला सफेद बंदर (एल्बिनो रीसस मकाक) अब वन्य प्राणी विभाग के रिकॉर्ड में अधिकारिक तौर पर दर्ज हो गया है। गूगल पर भी इसकी जानकारी शामिल कर ली गई है।
असम के बाद यह बंदर चंबा के तुंदाह जंगल में देखा गया था। वन रक्षक ने इस बंदर की तस्वीर खिंच कर अपने उच्चाधिकारियों को भेजी। इस बंदर की पहली तस्वीर असम में ली गई थी। उसके अलावा देश के किसी भी राज्य में ऐसा बंदर नहीं देखा गया लेकिन तुंदाह जंगल की रखवाली करने वाले वन रक्षक ने इस दुर्लभ बंदर को अपने कैमरे में कैद किया। अब कोई भी गूगल में इस बंदर के बारे में सर्च करेगा तो उसे चंबा के जंगलों में इसके होने की जानकारी मिलेगी। यह जिले के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इतना ही नहीं बंदर की पूरी जानकारी उसमें दी गई है। बंदर को खोजने वाले वन रक्षक का जिक्र उसमें किया गया है।
वर्ष 2022 में असम में ऐसा सफेद रीसस मकाक दर्ज किया गया था। कुछ माह पहले तुंदाह क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान वन रक्षक कुशल कुमार ने एक मादा बंदर की पीठ पर बैठे इस सफेद बंदर को देखा। उन्होंने तुरंत कैमरे में इस दुर्लभ दृश्य को कैद कर वन मंडल अधिकारी को अवगत कराया।इनसेट
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स्थानीय वन अधिकारियों के अनुसार यह कोई अलग प्रजाति नहीं, बल्कि सामान्य भूरे रीसस मकाक का एल्बिनो स्वरूप है। जहां जन्मजात आनुवंशिक कारणों से त्वचा और बालों में मेलेनिन का निर्माण बेहद कम या बिल्कुल नहीं होता। इसी कारण यह बंदर सिर से लेकर पूंछ तक चमकदार सफेद दिखाई देता है।
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वन अरण्यपाल राकेश कुमार ने बताया कि सफेद बंदर की दूसरी तस्वीर चंबा के खाते में दर्ज है। इसकी जानकारी अब गूगल में भी दर्ज हो चुकी है। जोकि, जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है।
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वन्य प्राणी विभाग के रिकॉर्ड में भी दर्ज हुई जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। प्रदेश का पहला सफेद बंदर (एल्बिनो रीसस मकाक) अब वन्य प्राणी विभाग के रिकॉर्ड में अधिकारिक तौर पर दर्ज हो गया है। गूगल पर भी इसकी जानकारी शामिल कर ली गई है।
असम के बाद यह बंदर चंबा के तुंदाह जंगल में देखा गया था। वन रक्षक ने इस बंदर की तस्वीर खिंच कर अपने उच्चाधिकारियों को भेजी। इस बंदर की पहली तस्वीर असम में ली गई थी। उसके अलावा देश के किसी भी राज्य में ऐसा बंदर नहीं देखा गया लेकिन तुंदाह जंगल की रखवाली करने वाले वन रक्षक ने इस दुर्लभ बंदर को अपने कैमरे में कैद किया। अब कोई भी गूगल में इस बंदर के बारे में सर्च करेगा तो उसे चंबा के जंगलों में इसके होने की जानकारी मिलेगी। यह जिले के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इतना ही नहीं बंदर की पूरी जानकारी उसमें दी गई है। बंदर को खोजने वाले वन रक्षक का जिक्र उसमें किया गया है।
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वर्ष 2022 में असम में ऐसा सफेद रीसस मकाक दर्ज किया गया था। कुछ माह पहले तुंदाह क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान वन रक्षक कुशल कुमार ने एक मादा बंदर की पीठ पर बैठे इस सफेद बंदर को देखा। उन्होंने तुरंत कैमरे में इस दुर्लभ दृश्य को कैद कर वन मंडल अधिकारी को अवगत कराया।इनसेट
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स्थानीय वन अधिकारियों के अनुसार यह कोई अलग प्रजाति नहीं, बल्कि सामान्य भूरे रीसस मकाक का एल्बिनो स्वरूप है। जहां जन्मजात आनुवंशिक कारणों से त्वचा और बालों में मेलेनिन का निर्माण बेहद कम या बिल्कुल नहीं होता। इसी कारण यह बंदर सिर से लेकर पूंछ तक चमकदार सफेद दिखाई देता है।
वन अरण्यपाल राकेश कुमार ने बताया कि सफेद बंदर की दूसरी तस्वीर चंबा के खाते में दर्ज है। इसकी जानकारी अब गूगल में भी दर्ज हो चुकी है। जोकि, जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है।