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जान जोखिम में डालकर बैरा खड्ड को पार कर रहे ग्रामीण

Wed, 25 Dec 2019 10:36 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Dec 2019 10:36 PM IST
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बैरा खड्ड को टूटे हुए पेडों के सहारे पार करते बच्चे व ग्रामीण। - फोटो : Chamba
तीसा (चंबा)। हरतवास पंचायत के स्कूली छात्र और ग्रामीण जान जोखिम में डाल बैरा खड्ड को पार कर रहे हैं। क्योंकि खड्ड को पार करने के लिए ग्रामीणों के पास पुली की सुविधा नहीं है। इसलिए ग्रामीणों ने दो टूटे हुए पेड़ों को खड्ड के दोनों किनारे पर टिका रखा है। इन पेड़ों के ऊपर से खड्ड को पार किया जा रहा है। यह सिलसिला कई सालों से चला हुआ है, लेकिन प्रशासन और पंचायत की ओर से अभी तक खड्ड पर पुली का निर्माण नहीं करवाया गया है। इस कारण ग्रामीण और स्कूली छात्र जान जोखिम में डालकर खड्ड को पार करने को मजबूर हैं। समय रहते खड्ड के पर पुली नहीं बनाई गई तो कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
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स्थानीय लोगों में कुलदीप, लाल चंद, हरि सिंह, दुनी चंद, सरवन, मदन लाल, मनोज कुमार, राम लाल और राकेश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत हरतवास, सेई कोठी, खुशनगरी और कुथेड़ बुथोड़ा की पांच हजार आबादी उपरोक्त खड्ड को पार करने के लिए टूटे हुए पेड़ों का सहारा लेती है। इसके अलावा शाली गांव के बच्चे भंजराडू स्कूल को जाने के लिए खड्ड के पानी के तेज बहाव को पेड़ों के सहारे पार करते हैं। इस कारण अभिभावकों को हर समय बच्चों को चिंता सताती रहती है। उन्होंने जिला और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि उपरोक्त खड्ड पर जल्द ही पुली का निर्माण करवाया जाए। एसडीएम तीसा हेम चंद वर्मा ने बताया कि उपरोक्त खड्ड पर पुली का निर्माण करने के लिए बजट का प्रावधान किया जा रहा है। जल्द ही पुली का निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा।
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