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बिजली बोर्ड का निजीकरण बर्दाश्त नहीं : बेदी
Tue, 17 Dec 2024 10:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 17 Dec 2024 10:59 PM IST
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चंबा। राज्य विद्युत परिषद वेलफेयर एसोसिएशन इकाई चंबा ने राज्य विद्युत बोर्ड को निजीकरण की ओर बढ़ाने का विरोध किया है। संघ के अध्यक्ष मुकेश बेदी कहा कि हाल ही में सरकार ने बिजली बोर्ड में निदेशक सिविल का पद समाप्त करके बोर्ड से सिविल विंग का सफाया कर दिया है। इतना ही नहीं, 51 पद अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता के पद समाप्त करके, आउटसोर्स पर लगे 81 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
इसे हिमाचल की जनता, समस्त कर्मचारी-अधिकारी वर्ग और पेंशनर बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिसका खामियाजा सरकार को निकट भविष्य में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने बिजली अधिनियम 2003 का कड़ा विरोध और निंदा की हैं। जिसकी आड़ में सरकार की जनता विरोधी कुरीतियों के कारण बिजली बोर्ड को कंगाल कर दिया। बेदी ने बताया कि सदर विधायक चंबा नीरज नैयर के अथक प्रयासों से ही चुराह घाटी की चार पन बिजली परियोजनाओं के निर्माण के लिए चंबा और तीसा में बंद किए गए कार्यालयों की पुन बहाली हो पाई है।
वहीं, संबंधित कर्मचारी-अधिकारी की तैनाती न करने पर गहरी चिंता और रोष प्रकट किया है। उन्हाेंने बताया कि कार्यालयों में एक वर्ष से ताले लटके हैं, जो कि सरकार समेत विद्युत बोर्ड प्रबंधन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं। उन्होंने मांग उठाई है कि परियोजनाओं के शीघ्र निर्माण के लिए चंबा में मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता के कार्यालयों को शीघ्र खोला जाए। उन्होंने डीए और पे-फिक्सेशन के बकाया एरियर के भुगतान करने, बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन लागू करने समेत बीते कई वर्षों से बंद पड़े पद्मश्री कैलाश चंद महाजन पावर स्टेशन को पुन बहाल करने को लेकर आवाज उठाई।
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राष्ट्रीय पेंशनर दिवस मनाया
विद्युत बोर्ड चंबा के हरदासपुरा स्थित विश्राम गृह में राष्ट्रीय पेंशनर दिवस के हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद वेलफेयर एसोसिएशन चंबा इकाई ने हर्षोउल्लास के साथ मनाया। इस दौरान बुजुर्ग और अन्य पेंशनरों को सम्मानित किया। मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष निक्कू राम, वरिष्ठ सदस्य बीएम महाजन, योगराज गुप्ता, खेम सिंह, हरिंदर सिंह बिजलवान, कर्ण सिंह, पवन शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
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इसे हिमाचल की जनता, समस्त कर्मचारी-अधिकारी वर्ग और पेंशनर बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिसका खामियाजा सरकार को निकट भविष्य में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने बिजली अधिनियम 2003 का कड़ा विरोध और निंदा की हैं। जिसकी आड़ में सरकार की जनता विरोधी कुरीतियों के कारण बिजली बोर्ड को कंगाल कर दिया। बेदी ने बताया कि सदर विधायक चंबा नीरज नैयर के अथक प्रयासों से ही चुराह घाटी की चार पन बिजली परियोजनाओं के निर्माण के लिए चंबा और तीसा में बंद किए गए कार्यालयों की पुन बहाली हो पाई है।
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वहीं, संबंधित कर्मचारी-अधिकारी की तैनाती न करने पर गहरी चिंता और रोष प्रकट किया है। उन्हाेंने बताया कि कार्यालयों में एक वर्ष से ताले लटके हैं, जो कि सरकार समेत विद्युत बोर्ड प्रबंधन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं। उन्होंने मांग उठाई है कि परियोजनाओं के शीघ्र निर्माण के लिए चंबा में मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता के कार्यालयों को शीघ्र खोला जाए। उन्होंने डीए और पे-फिक्सेशन के बकाया एरियर के भुगतान करने, बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन लागू करने समेत बीते कई वर्षों से बंद पड़े पद्मश्री कैलाश चंद महाजन पावर स्टेशन को पुन बहाल करने को लेकर आवाज उठाई।
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राष्ट्रीय पेंशनर दिवस मनाया
विद्युत बोर्ड चंबा के हरदासपुरा स्थित विश्राम गृह में राष्ट्रीय पेंशनर दिवस के हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद वेलफेयर एसोसिएशन चंबा इकाई ने हर्षोउल्लास के साथ मनाया। इस दौरान बुजुर्ग और अन्य पेंशनरों को सम्मानित किया। मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष निक्कू राम, वरिष्ठ सदस्य बीएम महाजन, योगराज गुप्ता, खेम सिंह, हरिंदर सिंह बिजलवान, कर्ण सिंह, पवन शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।