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Chamba News: चुकरासा, लोथल के आठ लोगों में मिले टीबी के संभावित लक्षण
Sun, 05 Apr 2026 10:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 05 Apr 2026 10:54 PM IST
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बलगम के सैंपल की जांच रिपोर्ट में होगा टीबी होने या न होने का खुलासा
जिले में टीबी मरीजों की अधिक संख्या वाले गांवों में चल रही है स्क्रीनिंग
टीबी के छिपे हुए मरीजों को तलाश करके टीबी चेन को तोड़ने का है प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चुकरासा और लोथल गांव में स्वास्थ्य टीमों ने टीबी के छिपे हुए मरीजों का पता लगाया। शनिवार और रविवार को दोनों गांवों में स्क्रीनिंग की गई। गांवों में रहने वाली आबादी के स्वास्थ्य की जांच की गई।
पोर्टेबल एक्सरे के जरिये उनमें टीबी के संभावित लक्षणों का पता लगाने का प्रयास किया गया। 120 लोगों की स्क्रीनिंग करने पर आठ लोगों में टीबी के संभावित लक्षण मिले। इनके बलगम के सैंपल टीबी की जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं। इसकी रिपोर्ट आने पर यह पता लगेगा कि उन्हें टीबी का रोग है या नहीं। इसके बाद ही स्वास्थ्य विभाग उनके उपचार की आगामी व्यवस्था करेगा। जब तक उनकी रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक उन्हें भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज रखने के लिए कहा गया है। हालांकि अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि वे टीबी से ग्रस्त हैं भी या नहीं।
जिले में सरकार ने 397 ऐसे गांवों को चिह्नित किया है जहां टीबी के मरीज अधिक संख्या में हैं। इन गांवों में टीबी रोग ओर अधिक न फैले, इसके लिए यह शिविर लगाए जा रहे हैं। जो लोग टीबी रोगी के संपर्क में आए हैं, उन्हें टीबी से बचाव की दवाई दी जा रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने बताया कि जहां पर टीबी के मरीजों की संख्या अधिक है, उन सभी गांवों में रहने वाली आबादी की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जालम सिंह ने बताया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए यह अभियान छेड़ा गया है। कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें अपनी बीमारी का पता नहीं है और वे अनजाने में इस रोग को फैलाने का कार्य कर रहे हैं। इसलिए ऐसे लोगों की पहचान कर उनके इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
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जिले में टीबी मरीजों की अधिक संख्या वाले गांवों में चल रही है स्क्रीनिंग
टीबी के छिपे हुए मरीजों को तलाश करके टीबी चेन को तोड़ने का है प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चुकरासा और लोथल गांव में स्वास्थ्य टीमों ने टीबी के छिपे हुए मरीजों का पता लगाया। शनिवार और रविवार को दोनों गांवों में स्क्रीनिंग की गई। गांवों में रहने वाली आबादी के स्वास्थ्य की जांच की गई।
पोर्टेबल एक्सरे के जरिये उनमें टीबी के संभावित लक्षणों का पता लगाने का प्रयास किया गया। 120 लोगों की स्क्रीनिंग करने पर आठ लोगों में टीबी के संभावित लक्षण मिले। इनके बलगम के सैंपल टीबी की जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं। इसकी रिपोर्ट आने पर यह पता लगेगा कि उन्हें टीबी का रोग है या नहीं। इसके बाद ही स्वास्थ्य विभाग उनके उपचार की आगामी व्यवस्था करेगा। जब तक उनकी रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक उन्हें भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज रखने के लिए कहा गया है। हालांकि अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि वे टीबी से ग्रस्त हैं भी या नहीं।
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जिले में सरकार ने 397 ऐसे गांवों को चिह्नित किया है जहां टीबी के मरीज अधिक संख्या में हैं। इन गांवों में टीबी रोग ओर अधिक न फैले, इसके लिए यह शिविर लगाए जा रहे हैं। जो लोग टीबी रोगी के संपर्क में आए हैं, उन्हें टीबी से बचाव की दवाई दी जा रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने बताया कि जहां पर टीबी के मरीजों की संख्या अधिक है, उन सभी गांवों में रहने वाली आबादी की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जालम सिंह ने बताया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए यह अभियान छेड़ा गया है। कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें अपनी बीमारी का पता नहीं है और वे अनजाने में इस रोग को फैलाने का कार्य कर रहे हैं। इसलिए ऐसे लोगों की पहचान कर उनके इलाज की व्यवस्था की जा रही है।