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Chamba News: पांगी घाटी में निमोनिया ने जकड़े बच्चे, रोजाना आ रहे औसतन 10 मामले
Mon, 09 Dec 2024 10:42 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 09 Dec 2024 10:42 PM IST
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पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी के बच्चों को निमोनिया अपनी चपेट में ले रहा है। रोजाना औसतन 10 बच्चे किलाड़ अस्पताल में निमोनिया से ग्रसित होकर उपचार के लिए भर्ती किए जा रहे हैं। पांगी घाटी में कड़ाके की ठंड बच्चों में निमोनिया होने का मुख्य कारण मानी जा रही है। इसके चलते डॉक्टर बच्चों का इलाज करने के साथ लोगों से यह भी अपील कर रहे हैं कि वे सर्दी के मौसम में अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखे। पिछले 15 दिन से निमोनिया ग्रसित बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है। जिसको लेकर डॉक्टरों ने भी चिंता जाहिर की है। हालांकि अभी तक निमोनिया की वजह से कोई भी बच्चा इलाज के लिए पांगी से बाहर नहीं भेजा गया है। लेकिन, बर्फबारी के दौरान यदि किसी बच्चे की तबीयत ज्यादा खराब होती है तो उसे पांगी के बाहर लेकर जाना मुश्किल भी हो सकता है।
नागरिक अस्पताल किलाड़ में हर दिन करीब 10 बच्चे निमोनिया के इलाज को भर्ती हो रहे हैं। जबकि, सर्दी खांसी वाले सामान्य मरीजों को दवाई देकर घर भेजा जा रहा है। पांगी घाटी में छह सेंटीमीटर तक बर्फबारी भी हो चुकी है। ऐसे में यहां ठंड और भी बढ़ गई है। इसलिए निमोनिया वाले बच्चों की संख्या बढ़ भी सकती है। उधर, किलाड़ अस्पताल के सर्जन डॉक्टर विशाल शर्मा ने बताया कि अस्पताल में रोजाना निमोनिया से ग्रसित आठ से 10 बच्चे उपचार के लिए भर्ती किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह ठंड से अपने बच्चों को बचाकर रखें।
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नागरिक अस्पताल किलाड़ में हर दिन करीब 10 बच्चे निमोनिया के इलाज को भर्ती हो रहे हैं। जबकि, सर्दी खांसी वाले सामान्य मरीजों को दवाई देकर घर भेजा जा रहा है। पांगी घाटी में छह सेंटीमीटर तक बर्फबारी भी हो चुकी है। ऐसे में यहां ठंड और भी बढ़ गई है। इसलिए निमोनिया वाले बच्चों की संख्या बढ़ भी सकती है। उधर, किलाड़ अस्पताल के सर्जन डॉक्टर विशाल शर्मा ने बताया कि अस्पताल में रोजाना निमोनिया से ग्रसित आठ से 10 बच्चे उपचार के लिए भर्ती किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह ठंड से अपने बच्चों को बचाकर रखें।
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