फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   People should end the Ravana-like thinking within themselves: Dr. Rajindra

लोग अपने भीतर रावण रूपी सोच का करें अंत: डॉ. राजिंद्र

Sun, 21 Sep 2025 10:46 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sun, 21 Sep 2025 10:46 PM IST
विज्ञापन
People should end the Ravana-like thinking within themselves: Dr. Rajindra
चंबा। संत निरंकारी सत्संग भवन मुगला में रविवार को सत्संग का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता महात्मा डॉ. राजिंद्र ने की। इस दौरान डॉ. राजिंद्र ने कहा कि हर वर्ष रावण दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। रावण वेद-शास्त्रों का ज्ञाता होते हुए भी अहंकार और स्त्री मोह में फंसकर अपने अंत को प्राप्त हुआ। आज भी प्रत्येक व्यक्ति झूठ, छल, कपट और माया के कई नकली चेहरों के पीछे छिपा है। धन-दौलत की अंधी दौड़ और पांच विकार काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार – मनुष्य को भीतर से खोखला कर रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि हम अपने भीतर बसे रावण का अंत करें। यह कार्य केवल गुरुमत और सतगुरु की शरण में जाकर ही संभव है।
विज्ञापन

गुरु शरण में आने से मनुष्य अपने असली, निर्मल और पवित्र स्वरूप को पहचान पाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि सदना कसाई, अंगुली मार डाकू और गणिका पापण जैसे पापी भी गुरु की शरण में आकर संतों की श्रेणी में शामिल हुए। सत्संग के अंत में साध-संगत को आह्वान किया गया कि वे गुरुमत के मार्ग पर चलकर समाज में प्रेम, करुणा और सहिष्णुता का संदेश फैलाएं। मीडिया प्रबंधक विनोद कुमार ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत आरती वंदना से हुई। सत्संग के दौरान संतों और महात्माओं ने सदगुरु माता सुदीक्षा महाराज की शिक्षाओं को भजनों और प्रवचनों के माध्यम से उपस्थित लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों अनुयायी शामिल हुए। समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed