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Chamba News: ई-केवाईसी न करवाने पर पांगी के 391 पेंशनरों की पेंशन रुकी
Thu, 01 Oct 2026 10:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 01 Oct 2026 10:29 PM IST
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आधार से मोबाइल नंबर लिंक न होना पेंशनर थमने का बनी वजह
19 पंचायतों के पेंशनरों के लिए किलाड़ पहुंचना बना बड़ी चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जनजातीय क्षेत्र में ई-केवाईसी पूरी नहीं करवाने के कारण 391 पेंशनरों की पेंशन रुक गई है। महिला एवं बाल विकास परियोजना विभाग के तहत विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने वाले इन पेंशनरों के आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक नहीं हैं।
इसके चलते ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आधार से मोबाइल नंबर लिंक करवाकर ई-केवाईसी अपडेट होने के बाद ही पेंशन दोबारा जारी की जाएगी। पेंशन रुकने से दूरदराज की पंचायतों में रहने वाले बुजुर्गों, विधवाओं, एकल नारियों और दिव्यांग पेंशनरों की परेशानी बढ़ गई है। पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र में ई-केवाईसी करवाने के लिए सुविधाओं की सीमित उपलब्धता भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। पांगी में ई-केवाईसी और आधार से मोबाइल नंबर लिंक करवाने के लिए एकमात्र लोक मित्र केंद्र किलाड़ में है। क्षेत्र की 19 पंचायतों के पेंशनरों को इसके लिए किलाड़ पहुंचना पड़ता है। कई बार नेटवर्क की समस्या के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में दूरदराज के गांवों से आने वाले पेंशनरों को एक ही काम के लिए दोबारा केंद्र का रुख करना पड़ सकता है।
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पेंशन से चलता है घर का सहारा
महिला एवं बाल विकास परियोजना विभाग के तहत बुजुर्गों, विधवा एवं एकल नारियों, दिव्यांगजनों और कुष्ठ रोगियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाती है। विभागीय प्रावधान के अनुसार 60 से 70 वर्ष की आयु के बुजुर्गों को 1000 रुपये, 70 वर्ष से अधिक आयु वालों को 1700 रुपये, विधवा एवं एकल नारी पेंशनरों को 1500 रुपये, 40 से 70 प्रतिशत दिव्यांगता पर 1100 रुपये और 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता पर 1700 रुपये पेंशन मिलती है। पेंशन का भुगतान तीन माह के अंतराल पर किया जाता है।
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-- ई-केवाईसी होते ही बहाल होगी पेंशन
सीडीपीओ राजिंद्र चौहान ने बताया कि पांगी में कुल 1811 पेंशनरों में से 391 की पेंशन आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक न होने के कारण रुकी है। उन्होंने कहा कि पेंशनर ई-केवाईसी करवाकर अपना रिकॉर्ड अपडेट करवा लें। इसके बाद उनकी पेंशन दोबारा शुरू कर दी जाएगी।
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19 पंचायतों के पेंशनरों के लिए किलाड़ पहुंचना बना बड़ी चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जनजातीय क्षेत्र में ई-केवाईसी पूरी नहीं करवाने के कारण 391 पेंशनरों की पेंशन रुक गई है। महिला एवं बाल विकास परियोजना विभाग के तहत विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने वाले इन पेंशनरों के आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक नहीं हैं।
इसके चलते ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आधार से मोबाइल नंबर लिंक करवाकर ई-केवाईसी अपडेट होने के बाद ही पेंशन दोबारा जारी की जाएगी। पेंशन रुकने से दूरदराज की पंचायतों में रहने वाले बुजुर्गों, विधवाओं, एकल नारियों और दिव्यांग पेंशनरों की परेशानी बढ़ गई है। पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र में ई-केवाईसी करवाने के लिए सुविधाओं की सीमित उपलब्धता भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। पांगी में ई-केवाईसी और आधार से मोबाइल नंबर लिंक करवाने के लिए एकमात्र लोक मित्र केंद्र किलाड़ में है। क्षेत्र की 19 पंचायतों के पेंशनरों को इसके लिए किलाड़ पहुंचना पड़ता है। कई बार नेटवर्क की समस्या के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में दूरदराज के गांवों से आने वाले पेंशनरों को एक ही काम के लिए दोबारा केंद्र का रुख करना पड़ सकता है।
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पेंशन से चलता है घर का सहारा
महिला एवं बाल विकास परियोजना विभाग के तहत बुजुर्गों, विधवा एवं एकल नारियों, दिव्यांगजनों और कुष्ठ रोगियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाती है। विभागीय प्रावधान के अनुसार 60 से 70 वर्ष की आयु के बुजुर्गों को 1000 रुपये, 70 वर्ष से अधिक आयु वालों को 1700 रुपये, विधवा एवं एकल नारी पेंशनरों को 1500 रुपये, 40 से 70 प्रतिशत दिव्यांगता पर 1100 रुपये और 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता पर 1700 रुपये पेंशन मिलती है। पेंशन का भुगतान तीन माह के अंतराल पर किया जाता है।
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सीडीपीओ राजिंद्र चौहान ने बताया कि पांगी में कुल 1811 पेंशनरों में से 391 की पेंशन आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक न होने के कारण रुकी है। उन्होंने कहा कि पेंशनर ई-केवाईसी करवाकर अपना रिकॉर्ड अपडेट करवा लें। इसके बाद उनकी पेंशन दोबारा शुरू कर दी जाएगी।