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Chamba News: आयुर्वेदिक इलाज के लिए 50 किमी दूर जा रहे मरीज
Wed, 17 Apr 2024 10:06 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 17 Apr 2024 10:06 PM IST
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आयुर्वेदिक इलाज के लिए 50 किमी दूर जा रहे मरीज
आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र धार में तैनात में सात साल से नहीं नहीं एक भी चिकित्सक
दो पंचायतों के लोग इसी आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य सेवा के लिए निर्भर
ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने इलाज के लिए अपनाते हैं आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से इलाज करवाने के लिए मरीजों को 50 किलोमीटर दूर चंबा जाना पड़ रहा है। इससे नजदीक कहीं भी आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आज भी एलोपैथिक के बजाय चिकित्सा पद्धति को ज्यादा त्वज्जो देते हैं, क्योंकि इस पद्धति के इलाज से किसी प्रकार का बुरा प्रभाव नहीं होता। विकास खंड सलूणी में दो पंचायतों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने वाले आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र धार में सात साल से चिकित्सक नहीं हैं। इस वजह से ग्रामीणाें को इलाज करवाने के लिए जिला मुख्यालय चंबा की दौड़ लगानी पड़ रही है। यहां जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में मरीज बीमारी का इलाज करवा रहे हैं। यहां आने-जाने में ही उनका पूरा दिन निकल जाता है।
ग्रामीणों में वीरेंद्र, ध्यान चंद, गुरूदेव, संतराम, विनोद कुमार और रोशन लाल ने बताया कि सिंगाधार और लनोट पंचायत के लोग अपनी बीमारी का इलाज करवाने के लिए इसी आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में जाते हैं। हल्के मर्ज की दवा उन्हें वहां कार्यरत फार्मासिस्ट दे देता है, लेकिन चिकित्सीय परामर्श लेने के लिए 50 किलोमीटर दूर चंबा जाना पड़ रहा है। एक तरफ प्रदेश की सरकारें ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने की बातें कर रही हैं, वहीं विकास खंड सलूणी के ग्रामीण क्षेत्र में संचालित इस आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में सात सालों से किसी चिकित्सक की तैनाती ही नहीं की गई। यह सरकारों की मानसिकता को दर्शाता है।
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उधर, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉक्टर किरण शर्मा ने बताया कि विभाग में चिकित्सकों की कमी चल रही है। नई भर्ती होने पर प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सक की वहां तैनाती करवाई जाएगी।
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आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र धार में तैनात में सात साल से नहीं नहीं एक भी चिकित्सक
दो पंचायतों के लोग इसी आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य सेवा के लिए निर्भर
ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने इलाज के लिए अपनाते हैं आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से इलाज करवाने के लिए मरीजों को 50 किलोमीटर दूर चंबा जाना पड़ रहा है। इससे नजदीक कहीं भी आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आज भी एलोपैथिक के बजाय चिकित्सा पद्धति को ज्यादा त्वज्जो देते हैं, क्योंकि इस पद्धति के इलाज से किसी प्रकार का बुरा प्रभाव नहीं होता। विकास खंड सलूणी में दो पंचायतों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने वाले आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र धार में सात साल से चिकित्सक नहीं हैं। इस वजह से ग्रामीणाें को इलाज करवाने के लिए जिला मुख्यालय चंबा की दौड़ लगानी पड़ रही है। यहां जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में मरीज बीमारी का इलाज करवा रहे हैं। यहां आने-जाने में ही उनका पूरा दिन निकल जाता है।
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ग्रामीणों में वीरेंद्र, ध्यान चंद, गुरूदेव, संतराम, विनोद कुमार और रोशन लाल ने बताया कि सिंगाधार और लनोट पंचायत के लोग अपनी बीमारी का इलाज करवाने के लिए इसी आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में जाते हैं। हल्के मर्ज की दवा उन्हें वहां कार्यरत फार्मासिस्ट दे देता है, लेकिन चिकित्सीय परामर्श लेने के लिए 50 किलोमीटर दूर चंबा जाना पड़ रहा है। एक तरफ प्रदेश की सरकारें ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने की बातें कर रही हैं, वहीं विकास खंड सलूणी के ग्रामीण क्षेत्र में संचालित इस आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में सात सालों से किसी चिकित्सक की तैनाती ही नहीं की गई। यह सरकारों की मानसिकता को दर्शाता है।
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उधर, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉक्टर किरण शर्मा ने बताया कि विभाग में चिकित्सकों की कमी चल रही है। नई भर्ती होने पर प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सक की वहां तैनाती करवाई जाएगी।