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Chamba News: हाथ में पर्ची लेकर टेस्ट के लिए इंतजार में बैठे रहे मरीज
Thu, 11 Jan 2024 10:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 11 Jan 2024 10:40 PM IST
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चंबा। दिन वीरवार, स्थान, पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा, समय सुबह 12:00 बजे। मरीज अपना टेस्ट करवाने के लिए क्रस्ना लैब के बाहर कतार में खड़े हैं।
लैब के कर्मचारी मरीजों को टेस्ट नहीं कर रहे हैं। कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। इस बारे में मरीजों को जानकारी नहीं है। मरीज हाथ में पर्ची लेकर लैब के बाहर इसी आस में बैठे हैं कि शायद उनके टेस्ट हो जाएंगे, लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी टेस्ट नहीं हुए तो उनके चेहरे पर मायूसी छा गई। 2:00 बजे तक इंतजार करने के बाद भी कर्मचारी नहीं आए तो मरीजों ने हाथ में पर्ची लेकर निजी लैब का रुख कर लिया। निजी लैबों के बाहर भी सुबह से लाइनें लगी हैं। जो टेस्ट क्रस्ना लैब में मुफ्त हो रहे थे, उनके निजी लैब में पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में संचालित क्रस्ना लैब में रोजाना 300 मरीजों के टेस्ट किए जाते हैं। हड़ताल के चलते पिछले दो दिन में लैब में एक भी मरीज का टेस्ट नहीं किया गया है। इसके चलते मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बीपीएल, आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड धारक मरीजों को हो रही है। इन मरीजों को पैसे देकर अपने टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं।
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-- क्रस्ना लैब में मरीजों के टेस्ट नहीं होने से गरीब मरीज काफी परेशान हैं। उन्हें निजी लैब में अपने टेस्ट करवाना मुश्किल हो रहा है। क्योंकि निजी लैबों में देने के लिए उनके पास पैसे नहीं होते। बीना देवी निवासी खज्जियार।
लैब व सरकार के बीच जो अनबन चल रही है। उसका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। इसलिए सरकार व स्वास्थ्य विभाग को यह मसला शीघ्र सुलझा देना चाहिए। ताकि मरीज परेशान न हो। कमलेश राज निवासी धड़ोग।
मेडिकल कॉलेज की सरकारी लैब में दोपहर 12:00 बजे के बाद सैंपल नहीं लिए जाते। इसके बाद मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए क्रस्ना लैब में जाना पड़ता है। लेकिन वहां पर भी मरीजों के टेस्ट नहीं किए जा रहे हैं। इससे मरीज परेशान हैं। शीतल निवासी मंगला।
टेस्ट के बिना मरीज की बीमारी का पता नहीं लग सकता। इसलिए सही ईलाज के लिए टेस्ट का होना काफी जरूरी है। ऐसे में क्रस्ना लैब में टेस्ट नहीं होने से मरीजों का ईलाज भी प्रभावित हो रहा है। देहरो देवी निवासी पंजोह।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि क्रस्ना लैब की हड़ताल को समाप्त करवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मरीजों की सहुलियत के लिए प्रबंधन संपूर्ण प्रयास कर रहा है।
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लैब के कर्मचारी मरीजों को टेस्ट नहीं कर रहे हैं। कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। इस बारे में मरीजों को जानकारी नहीं है। मरीज हाथ में पर्ची लेकर लैब के बाहर इसी आस में बैठे हैं कि शायद उनके टेस्ट हो जाएंगे, लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी टेस्ट नहीं हुए तो उनके चेहरे पर मायूसी छा गई। 2:00 बजे तक इंतजार करने के बाद भी कर्मचारी नहीं आए तो मरीजों ने हाथ में पर्ची लेकर निजी लैब का रुख कर लिया। निजी लैबों के बाहर भी सुबह से लाइनें लगी हैं। जो टेस्ट क्रस्ना लैब में मुफ्त हो रहे थे, उनके निजी लैब में पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में संचालित क्रस्ना लैब में रोजाना 300 मरीजों के टेस्ट किए जाते हैं। हड़ताल के चलते पिछले दो दिन में लैब में एक भी मरीज का टेस्ट नहीं किया गया है। इसके चलते मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बीपीएल, आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड धारक मरीजों को हो रही है। इन मरीजों को पैसे देकर अपने टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं।
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लैब व सरकार के बीच जो अनबन चल रही है। उसका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। इसलिए सरकार व स्वास्थ्य विभाग को यह मसला शीघ्र सुलझा देना चाहिए। ताकि मरीज परेशान न हो। कमलेश राज निवासी धड़ोग।
मेडिकल कॉलेज की सरकारी लैब में दोपहर 12:00 बजे के बाद सैंपल नहीं लिए जाते। इसके बाद मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए क्रस्ना लैब में जाना पड़ता है। लेकिन वहां पर भी मरीजों के टेस्ट नहीं किए जा रहे हैं। इससे मरीज परेशान हैं। शीतल निवासी मंगला।
टेस्ट के बिना मरीज की बीमारी का पता नहीं लग सकता। इसलिए सही ईलाज के लिए टेस्ट का होना काफी जरूरी है। ऐसे में क्रस्ना लैब में टेस्ट नहीं होने से मरीजों का ईलाज भी प्रभावित हो रहा है। देहरो देवी निवासी पंजोह।
चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि क्रस्ना लैब की हड़ताल को समाप्त करवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मरीजों की सहुलियत के लिए प्रबंधन संपूर्ण प्रयास कर रहा है।