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Chamba News: मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में मरीज बढ़े, कम पड़ने लगे बिस्तर
Tue, 04 Jun 2024 10:24 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 04 Jun 2024 10:24 PM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा के आपातकालीन कक्ष में लगे बिस्तर मरीजों की बढ़ती संख्या के आगे कम पड़ने लगे हैं।
ऐसे में तीमारदार अस्पताल प्रबंधन से यही मांग कर रहे हैं कि आपातकालीन कक्ष में मरीजाें की सुविधा के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाए, जिससे मरीजों को अपना इलाज करवाने में किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। गर्मी के मौसम में मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या में रोजाना इजाफा हो रहा है। शाम को जब ओपीडी बंद हो जाती है तो अगली सुबह ओपीडी खुलने तक मरीज अपना इलाज करवाने के लिए आपातकालीन कक्ष में पहुंचते हैं। यहां मौजूदा समय में दस बिस्तरों की व्यवस्था है। ये बिस्तर मरीजों की बढ़ती संख्या के आगे कम पड़ने लगे हैं।
तीमारदारों में अशोक कुमार, हंसराज, रवि कुमार, चैन लाल, देवेंद्र, मनीष कुमार और योगराज ने बताया कि आकांक्षी जिले में मेडिकल कॉलेज ही सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान हैं, जहां जिले के सभी इलाकों से मरीज बीमारी का इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान मरीजों को उपचार के लिए चिकित्सक इन बिस्तरों में एडमिट भी करते हैं। यहां उनकी हालत सुधरने के उपरांत वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। रात के समय मरीजों की संख्या ज्यादा बढ़ रही है। ऐसे में आपातकालीन कक्ष में मरीजों की सुविधा के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ाए जाना काफी आवश्यक है। उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि आपातकालीन कक्ष में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने को लेकर प्रबंधन उचित कदम उठा रहा है।
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ऐसे में तीमारदार अस्पताल प्रबंधन से यही मांग कर रहे हैं कि आपातकालीन कक्ष में मरीजाें की सुविधा के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाए, जिससे मरीजों को अपना इलाज करवाने में किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। गर्मी के मौसम में मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या में रोजाना इजाफा हो रहा है। शाम को जब ओपीडी बंद हो जाती है तो अगली सुबह ओपीडी खुलने तक मरीज अपना इलाज करवाने के लिए आपातकालीन कक्ष में पहुंचते हैं। यहां मौजूदा समय में दस बिस्तरों की व्यवस्था है। ये बिस्तर मरीजों की बढ़ती संख्या के आगे कम पड़ने लगे हैं।
तीमारदारों में अशोक कुमार, हंसराज, रवि कुमार, चैन लाल, देवेंद्र, मनीष कुमार और योगराज ने बताया कि आकांक्षी जिले में मेडिकल कॉलेज ही सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान हैं, जहां जिले के सभी इलाकों से मरीज बीमारी का इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान मरीजों को उपचार के लिए चिकित्सक इन बिस्तरों में एडमिट भी करते हैं। यहां उनकी हालत सुधरने के उपरांत वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। रात के समय मरीजों की संख्या ज्यादा बढ़ रही है। ऐसे में आपातकालीन कक्ष में मरीजों की सुविधा के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ाए जाना काफी आवश्यक है। उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि आपातकालीन कक्ष में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने को लेकर प्रबंधन उचित कदम उठा रहा है।
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