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Chamba News: सरकारी खर्च पर बीएड, होटल मैनेजमेंट कर सकेंगे अनाथ बच्चे
Sun, 26 May 2024 10:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 26 May 2024 10:03 PM IST
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चंबा। जिला चंबा के 13 अनाथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी। जिला चंबा के भेजे गए 13 मामलों को सरकार ने स्वीकृति दे दी है।
अनाथ विद्यार्थी होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी कर सकेंगे। दूसरी तरफ, बीएड कर स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करते भी नजर आएंगे। इसके अलावा वोकेशनल कोर्सों के लिए सरकार ने विद्यार्थियों को स्वीकृति दी है। बहरहाल, अब शेष औपचारिकताएं पूरा होने के बाद जिला बाल संरक्षण इकाई चंबा की ओर से इन बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी। ये विद्यार्थी उच्च स्तरीय कोर्स करते नजर आएंगे।
जानकारी के अनुसार जिन 13 बच्चों का चयन प्रदेश की मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत हुआ है, उन्होंने खुद इन कोर्सों में पढ़ाई करने इच्छा जताई है। अनाथ बच्चों की रुचि जानने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से एक सर्वे किया गया था। सर्वे के दौरान बच्चों ने आगामी पढ़ाई के लिए अपनी योजना बताई। इसके बाद जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से यह मामले सरकार को स्वीकृति के लिए भेजे। बहरहाल, अब इन कोर्सों में बच्चे पढ़ाई करेंगे। इसका सारा खर्च सरकार उठाएगी।
गौरतलब है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री ने खासकर अनाथ बच्चों के लिए योजना शुरू की है। इसके तहत पात्रों को जहां मासिक चार हजार रुपये दिए जा रहे हैं। दूसरी तरफ, पढ़ाई के लिए भी उनकी दिलचस्पी भी जानी जा रही है।
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कार्यवाहक जिला बाल सरंक्षण इकाई अधिकारी राकेश पंजोरिया ने बताया कि इस सत्र के लिए उच्च शिक्षा के 13 बच्चों का चयन हुआ है। कहा कि ये अब निर्धारित विषयों में पढ़ाई करेंगे और सरकार की ओर से इसका खर्च उठाया जाएगा।
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अनाथ विद्यार्थी होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी कर सकेंगे। दूसरी तरफ, बीएड कर स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करते भी नजर आएंगे। इसके अलावा वोकेशनल कोर्सों के लिए सरकार ने विद्यार्थियों को स्वीकृति दी है। बहरहाल, अब शेष औपचारिकताएं पूरा होने के बाद जिला बाल संरक्षण इकाई चंबा की ओर से इन बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी। ये विद्यार्थी उच्च स्तरीय कोर्स करते नजर आएंगे।
जानकारी के अनुसार जिन 13 बच्चों का चयन प्रदेश की मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत हुआ है, उन्होंने खुद इन कोर्सों में पढ़ाई करने इच्छा जताई है। अनाथ बच्चों की रुचि जानने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से एक सर्वे किया गया था। सर्वे के दौरान बच्चों ने आगामी पढ़ाई के लिए अपनी योजना बताई। इसके बाद जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से यह मामले सरकार को स्वीकृति के लिए भेजे। बहरहाल, अब इन कोर्सों में बच्चे पढ़ाई करेंगे। इसका सारा खर्च सरकार उठाएगी।
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गौरतलब है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री ने खासकर अनाथ बच्चों के लिए योजना शुरू की है। इसके तहत पात्रों को जहां मासिक चार हजार रुपये दिए जा रहे हैं। दूसरी तरफ, पढ़ाई के लिए भी उनकी दिलचस्पी भी जानी जा रही है।
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कार्यवाहक जिला बाल सरंक्षण इकाई अधिकारी राकेश पंजोरिया ने बताया कि इस सत्र के लिए उच्च शिक्षा के 13 बच्चों का चयन हुआ है। कहा कि ये अब निर्धारित विषयों में पढ़ाई करेंगे और सरकार की ओर से इसका खर्च उठाया जाएगा।