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Chamba News: किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ेंगे मटवाड़ के अनाथ बच्चे
Mon, 05 Jan 2026 10:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 05 Jan 2026 10:40 PM IST
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चंबा। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) और मटवाड़ में अनाथ बच्चों के मामले में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक हुई। इसमें उपायुक्त ने कहा कि मटवाड़ के चारों बच्चे पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत आवेदन के पात्र हैं। इस संबंध में नायब तहसीलदार तेलका को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, बच्चों को बाल देखभाल संस्थान साहो और चंबा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके पक्के मकान का निर्माण भी प्रगति पर है। उपायुक्त ने बताया कि जिला बाल कल्याण समितिचंबा की संस्तुति पर मृतक के बच्चों के भूमि अधिकार सुरक्षित किए गए हैं। बच्चों के पिता जगीर सिंह की पैतृक भूमि का इंतकाल वैध वारिसों के पक्ष में दर्ज हो चुका है। वर्तमान में भूमि पत्नी और बच्चों के संयुक्त नाम पर दर्ज है और किसी प्रकार का विस्थापन या कब्जा विवाद नहीं है। भूमि धारक होने के कारण बच्चे बिस्वा/भूमिहीन भूमि आवंटन योजना के पात्र नहीं हैं।
वहीं, जगीर सिंह के परिवार के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच और निगरानी स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से की जा रही है और सभी बच्चे स्वस्थ हैं। आईसीडीएस के तहत विशेष पोषण कार्यक्रम के तहत सभी पात्र सदस्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार निरंतर पोषण सहायता प्रदान की जा रही है।
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साथ ही, सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं, ताकि किसी भी पात्र बच्चे अथवा किशोरी को पोषण लाभ से वंचित न रखा जाए।
जिले के सभी बेसहारा बच्चों योजनाओं से जोड़ें
उपायुक्त ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े जिले के सभी उप मंडलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें और बेसहारा बच्चों को सुख-आश्रय योजना एवं मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना से जोड़ा जाए।
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वहीं, बच्चों को बाल देखभाल संस्थान साहो और चंबा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके पक्के मकान का निर्माण भी प्रगति पर है। उपायुक्त ने बताया कि जिला बाल कल्याण समितिचंबा की संस्तुति पर मृतक के बच्चों के भूमि अधिकार सुरक्षित किए गए हैं। बच्चों के पिता जगीर सिंह की पैतृक भूमि का इंतकाल वैध वारिसों के पक्ष में दर्ज हो चुका है। वर्तमान में भूमि पत्नी और बच्चों के संयुक्त नाम पर दर्ज है और किसी प्रकार का विस्थापन या कब्जा विवाद नहीं है। भूमि धारक होने के कारण बच्चे बिस्वा/भूमिहीन भूमि आवंटन योजना के पात्र नहीं हैं।
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वहीं, जगीर सिंह के परिवार के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच और निगरानी स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से की जा रही है और सभी बच्चे स्वस्थ हैं। आईसीडीएस के तहत विशेष पोषण कार्यक्रम के तहत सभी पात्र सदस्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार निरंतर पोषण सहायता प्रदान की जा रही है।
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साथ ही, सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं, ताकि किसी भी पात्र बच्चे अथवा किशोरी को पोषण लाभ से वंचित न रखा जाए।
जिले के सभी बेसहारा बच्चों योजनाओं से जोड़ें
उपायुक्त ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े जिले के सभी उप मंडलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें और बेसहारा बच्चों को सुख-आश्रय योजना एवं मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना से जोड़ा जाए।