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प्रेम और सद्भाव से ही टूटेंगी अहंकार की दीवारें : महात्मा
Mon, 17 Mar 2025 05:38 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 17 Mar 2025 05:38 AM IST
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चंबा के सत्संग भवन मुगला में सत्संग सुनते अनुयायी।संवाद
चंबा। मुगला स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में रविवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता महात्मा अनिल शर्मा ने की। इस अवसर पर दूर-दराज से आए सैकड़ों निरंकारी अनुयायियों ने भाग लिया। सत्संग की शुरुआत आरती वंदना से हुई।
महात्मा अनिल शर्मा ने अपने सारगर्भित प्रवचनों में कहा कि सच्चा संत सद्भाव और एकता में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि दीवारें केवल ईंट और पत्थर से बनी नहीं होतीं, बल्कि नफरत, ईर्ष्या, द्वेष और अहंकार की मानसिक दीवारें भी इंसानों को एक-दूसरे से अलग करती हैं। इन दीवारों को तोड़कर ही संसार को प्रेम और सद्भाव से जोड़ा जा सकता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर घर में अंधेरा है, तो उजाला बाहर नहीं, बल्कि घर के अंदर ही करना होगा। उसी तरह अगर मन में नकारात्मक विचार हैं, तो उनका समाधान भी अंदर से ही खोजना होगा। दूषित विचारों से प्रभावित कर्मों को सुधारने के लिए विचारों में परिवर्तन लाना आवश्यक है। सत्संग के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। यह जानकारी सेवादार विनोद कुमार ने दी।
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महात्मा अनिल शर्मा ने अपने सारगर्भित प्रवचनों में कहा कि सच्चा संत सद्भाव और एकता में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि दीवारें केवल ईंट और पत्थर से बनी नहीं होतीं, बल्कि नफरत, ईर्ष्या, द्वेष और अहंकार की मानसिक दीवारें भी इंसानों को एक-दूसरे से अलग करती हैं। इन दीवारों को तोड़कर ही संसार को प्रेम और सद्भाव से जोड़ा जा सकता है।
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उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर घर में अंधेरा है, तो उजाला बाहर नहीं, बल्कि घर के अंदर ही करना होगा। उसी तरह अगर मन में नकारात्मक विचार हैं, तो उनका समाधान भी अंदर से ही खोजना होगा। दूषित विचारों से प्रभावित कर्मों को सुधारने के लिए विचारों में परिवर्तन लाना आवश्यक है। सत्संग के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। यह जानकारी सेवादार विनोद कुमार ने दी।
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