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Chamba News: श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी बनी गले की फांस
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मनरेगा में ऑनलाइन हाजिरियां लगाने में पेश आ रही समस्याओं को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों में रोष है। सोमवार को पंचायत प्रतिनिधियों ने एडीएम के माध्यम से केंद्रीय पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री को ज्ञापन भेजा।
विकास खंड भटियात के उपप्रधान यूनियन के प्रधान पवन कुमार, उपप्रधान जैसी राम, नरोत्तम सिंह राणा, जैसी राम, पवन कुमार, अरुण शर्मा, मनजीत कुमार, मलकीत सिंह और राज कुमार ने बताया कि मनरेगा के तहत श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरियां लगाना पंचायत प्रतिनिधियों के लिए गले का फांस बना हुआ है।
कहा कि नवंबर से लेकर वर्तमान समय तक किसी भी मस्टररोल पर दो समय हाजिरी नहीं लग रही है। इसका मतलब यह हुआ कि श्रमिक कार्य से अनुपस्थित चल रहे हैं। कहा कि पंचायत स्तर पर मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों पर श्रमिक सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक कार्य करते हैं। उनके भुगतान की जबावदेही आखिरकार किसकी होगी। कहा कि कई जगह पर दूरसंचार सेवाएं पटरी से उतरी रहती हैं। कई जगह एक समय हाजिरी लग रही है तो कहीं दूसरे समय हाजिरी नहीं लगती है। इसके अलावा अधिकांश पंचायत प्रतिनिधियों के पास एंडरायड फोन नहीं हैं। अशिक्षित होने की वजह से उन्हें इसके बारे में कोई भी ज्ञान नहीं है। आखिरकार वे किस तरह से हाजिरियां लगा पाएंगे। कहा कि जिले की भोगौलिक परिस्थिति काफी विकट है। ऐसे में एक वार्ड के तहत तीन से चार गांव आते हैं। उन गांवों में दो-तीन जगह पर काम चलता है तो वहां पंचायत प्रतिनिधि एक ही समय में अलग-अलग कार्यों में श्रमिकों की हाजिरियां किस प्रकार से लगा सकता है। यदि किसी सरकारी कार्य के लिए पंचायत प्रतिनिधि को कहीं जाना पड़ जाए तो उस दिन हाजिरी कैसे लगेगी ,यह एक बड़ी समस्या हैं। कहा कि सरकार की ओर से बिना किसी तैयारी के यह फरमान जारी कर दिया गया जबकि इसके बारे में पहले आने वाली समस्याओं के बारे में विचार करना चाहिए था। कम से कम पंचायत प्रतिनिधियों को इसके बारे में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए था। कहा कि पंचायत प्रतिनिधि ऑनलाइन हाजिरियां लगाने के विरोध में नहीं हैं, यह बहुत अच्छा कदम है लेकिन इसमें बहुत सारी समस्याएं हैं।
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चंबा। मनरेगा में ऑनलाइन हाजिरियां लगाने में पेश आ रही समस्याओं को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों में रोष है। सोमवार को पंचायत प्रतिनिधियों ने एडीएम के माध्यम से केंद्रीय पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री को ज्ञापन भेजा।
विकास खंड भटियात के उपप्रधान यूनियन के प्रधान पवन कुमार, उपप्रधान जैसी राम, नरोत्तम सिंह राणा, जैसी राम, पवन कुमार, अरुण शर्मा, मनजीत कुमार, मलकीत सिंह और राज कुमार ने बताया कि मनरेगा के तहत श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरियां लगाना पंचायत प्रतिनिधियों के लिए गले का फांस बना हुआ है।
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कहा कि नवंबर से लेकर वर्तमान समय तक किसी भी मस्टररोल पर दो समय हाजिरी नहीं लग रही है। इसका मतलब यह हुआ कि श्रमिक कार्य से अनुपस्थित चल रहे हैं। कहा कि पंचायत स्तर पर मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों पर श्रमिक सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक कार्य करते हैं। उनके भुगतान की जबावदेही आखिरकार किसकी होगी। कहा कि कई जगह पर दूरसंचार सेवाएं पटरी से उतरी रहती हैं। कई जगह एक समय हाजिरी लग रही है तो कहीं दूसरे समय हाजिरी नहीं लगती है। इसके अलावा अधिकांश पंचायत प्रतिनिधियों के पास एंडरायड फोन नहीं हैं। अशिक्षित होने की वजह से उन्हें इसके बारे में कोई भी ज्ञान नहीं है। आखिरकार वे किस तरह से हाजिरियां लगा पाएंगे। कहा कि जिले की भोगौलिक परिस्थिति काफी विकट है। ऐसे में एक वार्ड के तहत तीन से चार गांव आते हैं। उन गांवों में दो-तीन जगह पर काम चलता है तो वहां पंचायत प्रतिनिधि एक ही समय में अलग-अलग कार्यों में श्रमिकों की हाजिरियां किस प्रकार से लगा सकता है। यदि किसी सरकारी कार्य के लिए पंचायत प्रतिनिधि को कहीं जाना पड़ जाए तो उस दिन हाजिरी कैसे लगेगी ,यह एक बड़ी समस्या हैं। कहा कि सरकार की ओर से बिना किसी तैयारी के यह फरमान जारी कर दिया गया जबकि इसके बारे में पहले आने वाली समस्याओं के बारे में विचार करना चाहिए था। कम से कम पंचायत प्रतिनिधियों को इसके बारे में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए था। कहा कि पंचायत प्रतिनिधि ऑनलाइन हाजिरियां लगाने के विरोध में नहीं हैं, यह बहुत अच्छा कदम है लेकिन इसमें बहुत सारी समस्याएं हैं।
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