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Chamba News: चौगान में कोई भविष्य के लिए दौड़ा, कोई स्क्रीन में सिमटा
Mon, 05 Oct 2026 10:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 05 Oct 2026 10:31 PM IST
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चंबा चौगान में खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान फोन पर व्यस्त युवा।संवाद
अंडर-19 एथलेटिक्स में युवा खिलाड़ी लक्ष्य के पीछे बहा रहे पसीना, मोबाइल में उलझती दिख रही नई पीढ़ी
चौगान में खेल और मोबाइल की दो तस्वीरें साथ-साथ, मैदान अनुशासन सिखा रहा तो स्क्रीन खींच रही बच्चों का समय
पंकज सलारिया
चंबा। ऐतिहासिक चौगान इन दिनों नई पीढ़ी की बदलती दिनचर्या का आईना बना हुआ है। मैदान में कोई जीत की दौड़ लगा रहा है तो कोई मोबाइल की स्क्रीन में अपनी दुनिया तलाश रहा है।
जिला स्तरीय अंडर-19 एथलेटिक्स प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों से पहुंचे खिलाड़ी दौड़, लंबी कूद और ऊंची कूद समेत कई स्पर्धाओं में दमखम दिखा रहे हैं। ट्रैक पर उनकी हर छलांग और हर कदम के पीछे लंबे अभ्यास, अनुशासन और बेहतर प्रदर्शन की चाह साफ नजर आ रही है।
खिलाड़ी जहां अपने प्रदर्शन को निखारने के लिए घंटों मैदान में पसीना बहा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई स्कूली छात्र खाली समय मोबाइल गेम, वीडियो और इंटरनेट पर बिताते नजर आते हैं। पढ़ाई के बाद भी लंबे समय तक स्क्रीन से जुड़े रहना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है।
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मोबाइल ज्ञान और पढ़ाई का उपयोगी साधन है, लेकिन जरूरत से अधिक इस्तेमाल बच्चों की शारीरिक सक्रियता कम कर सकता है। खेल केवल शरीर को स्वस्थ नहीं रखते, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करते हैं। चौगान में दौड़ती यह पीढ़ी बता रही है कि भविष्य केवल स्क्रीन पर नहीं, मैदान में भी तैयार होता है।
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चौगान में खेल और मोबाइल की दो तस्वीरें साथ-साथ, मैदान अनुशासन सिखा रहा तो स्क्रीन खींच रही बच्चों का समय
पंकज सलारिया
चंबा। ऐतिहासिक चौगान इन दिनों नई पीढ़ी की बदलती दिनचर्या का आईना बना हुआ है। मैदान में कोई जीत की दौड़ लगा रहा है तो कोई मोबाइल की स्क्रीन में अपनी दुनिया तलाश रहा है।
जिला स्तरीय अंडर-19 एथलेटिक्स प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों से पहुंचे खिलाड़ी दौड़, लंबी कूद और ऊंची कूद समेत कई स्पर्धाओं में दमखम दिखा रहे हैं। ट्रैक पर उनकी हर छलांग और हर कदम के पीछे लंबे अभ्यास, अनुशासन और बेहतर प्रदर्शन की चाह साफ नजर आ रही है।
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खिलाड़ी जहां अपने प्रदर्शन को निखारने के लिए घंटों मैदान में पसीना बहा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई स्कूली छात्र खाली समय मोबाइल गेम, वीडियो और इंटरनेट पर बिताते नजर आते हैं। पढ़ाई के बाद भी लंबे समय तक स्क्रीन से जुड़े रहना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है।
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मोबाइल ज्ञान और पढ़ाई का उपयोगी साधन है, लेकिन जरूरत से अधिक इस्तेमाल बच्चों की शारीरिक सक्रियता कम कर सकता है। खेल केवल शरीर को स्वस्थ नहीं रखते, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करते हैं। चौगान में दौड़ती यह पीढ़ी बता रही है कि भविष्य केवल स्क्रीन पर नहीं, मैदान में भी तैयार होता है।