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Chamba News: अब बच्चों के सिर से लेकर पैर तक होगी स्वास्थ्य जांच
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चंबा। जिले में छोटे बच्चों की एनीमिया जांच के बाद अब सिर से लेकर पैर तक सभी बीमारियों की जांच होगी। यह स्वास्थ्य जांच राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत की जाएगी। इसके लिए विभाग ने जिले में 14 स्वास्थ्य मोबाइल टीमें गठित कर दी हैं जो रोजाना अपने-अपने स्वास्थ्य परिक्षेत्र में संचालित स्कूलों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी।
इसमें जो बच्चे गंभीर बीमार पाए जाएंगे उन्हें इलाज के लिए येलो कार्ड देकर मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर किया जाएगा। उस कार्ड के आधार पर बच्चे का पूरा इलाज मुफ्त होगा। अगर बच्चे को इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कॉलेज या पीजीआई चंडीगढ़ भी जाना पड़ेगा तो वहां पर भी उसके इलाज के लिए पैसे नहीं खर्च करने पड़ेंगे। कोरोना महामारी के चलते पिछले ढाई सालों से यह कार्यक्रम बंद पड़ा हुआ था। अब इसे विभाग ने पूरी तरह से सुचारु कर दिया है। स्वास्थ्य टीमों में एक पुरुष और महिला चिकित्सक के साथ फार्मासिस्ट और स्वास्थ्य कार्यकर्ता को शामिल किया गया है। त्वचा की बीमारी से पीड़ित निकला नौनिहाल
बुुधवार को स्वास्थ्य खंड पुखरी के तहत स्वास्थ्य टीम ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला बन्नू भियोड़ में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच की। इसमें एक बच्चा त्वचा की बीमारी से गंभीर रूप से पीड़ित मिला। उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर किया गया जबकि अन्य बच्चे सामान्य पाए गए। मामूली बीमारी से पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए दवाई आवंटित की गई।
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आरबीएसके के तहत बच्चों में टेढ़े अंगों से लेकर हृदय की गंभीर बीमारी तक का मुफ्त इलाज करने का प्रावधान है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को जिला में सुचारु कर दिया गया है। स्कूलों में पढ़ने वाले हरेक बच्चे की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। जो बच्चे गंभीर रूप से बीमार मिलेंगे उन्हें येलो कार्ड देकर रेफर किया जाएगा। अभिभावकों को बीमार बच्चों के इलाज पर कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।
डॉ. जालम सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी।
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इसमें जो बच्चे गंभीर बीमार पाए जाएंगे उन्हें इलाज के लिए येलो कार्ड देकर मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर किया जाएगा। उस कार्ड के आधार पर बच्चे का पूरा इलाज मुफ्त होगा। अगर बच्चे को इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कॉलेज या पीजीआई चंडीगढ़ भी जाना पड़ेगा तो वहां पर भी उसके इलाज के लिए पैसे नहीं खर्च करने पड़ेंगे। कोरोना महामारी के चलते पिछले ढाई सालों से यह कार्यक्रम बंद पड़ा हुआ था। अब इसे विभाग ने पूरी तरह से सुचारु कर दिया है। स्वास्थ्य टीमों में एक पुरुष और महिला चिकित्सक के साथ फार्मासिस्ट और स्वास्थ्य कार्यकर्ता को शामिल किया गया है। त्वचा की बीमारी से पीड़ित निकला नौनिहाल
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बुुधवार को स्वास्थ्य खंड पुखरी के तहत स्वास्थ्य टीम ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला बन्नू भियोड़ में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच की। इसमें एक बच्चा त्वचा की बीमारी से गंभीर रूप से पीड़ित मिला। उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर किया गया जबकि अन्य बच्चे सामान्य पाए गए। मामूली बीमारी से पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए दवाई आवंटित की गई।
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आरबीएसके के तहत बच्चों में टेढ़े अंगों से लेकर हृदय की गंभीर बीमारी तक का मुफ्त इलाज करने का प्रावधान है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को जिला में सुचारु कर दिया गया है। स्कूलों में पढ़ने वाले हरेक बच्चे की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। जो बच्चे गंभीर रूप से बीमार मिलेंगे उन्हें येलो कार्ड देकर रेफर किया जाएगा। अभिभावकों को बीमार बच्चों के इलाज पर कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।
डॉ. जालम सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी।