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Chamba News: मेडिकल कॉलेज में रूई तक नहीं, बाहर से खरीदकर ला रहे मरीज
Fri, 24 Feb 2023 11:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 24 Feb 2023 11:08 PM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में भर्ती होने वाले मरीजों को हाथ पर लगाने के लिए कैनुला और आईबी सेट स्वयं खरीदने पड़ रहे हैं। इतना ही नहीं गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान कॉटन तक निजी केमिस्ट की दुकान से खरीदना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों के लिए सबसे जरूरी इन वस्तुओं को अस्पताल प्रबंधन की ओर से उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। पिछले कई दिन से मेडिकल कॉलेज में कॉटन और कैनुला सहित आईबी सेट खत्म हो चुके हैं। इसके लिए रोजाना मरीजों को अपने पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं जबकि सरकारी अस्पताल में मरीजों को भर्ती करते समय कैनुला और आईबी सेट मुफ्त लगाए जाते हैं। कैनुला हाथ में लगाकर मरीज को इंजेक्शन लगाए जाते हैं जबकि आईबी सेट के की मदद से मरीज को ग्लूकोज और खून चढ़ाया जाता है लेकिन मेडिकल कॉलेज में ये जरूरी सामान खत्म हो चुका है।
महिला के गर्भवती होने से लेकर प्रसव करवाने तक पूरा इलाज सरकारी अस्पतालों में मुफ्त किया जाता है लेकिन जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान कॉटन खरीद कर लाने पड़ रहे हैं। रोजाना तीमारदार कॉटन लेने के लिए निजी केमिस्ट की दुकान में दौड़ लगाते हुए देखे जा सकते हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज में जब विशेषज्ञ किसी मरीज को भर्ती करता है। तो उसे वार्ड में तैनात स्टाफ नर्सें सबसे पहले कैनुला और आईबी सेट लाने के लिए कहती हैं क्योंकि वार्ड में यह सामान खत्म हो चुका है। तीमारदारों हेम राज, संजय कुमार, शम्मी कुमार, महिंद्र सिंह, सूरज कुमार और राकेश कुमार ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि मरीजों को मेडिकल कॉलेज में पेश आ रही असुविधाओं का शीघ्र समाधान किया जाए।
अस्पताल में खत्म हुए कॉटन सहित अन्य सामान को उपलब्ध करवाने के लिए ऑर्डर दिया जा चुका है। जल्द सामान की सप्लाई हो सकती है। मरीजों की सुविधा के लिए प्रबंधन हरसंभव प्रयास कर रहा है। -डॉक्टर देवेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक मेडिकल कॉलेज।
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महिला के गर्भवती होने से लेकर प्रसव करवाने तक पूरा इलाज सरकारी अस्पतालों में मुफ्त किया जाता है लेकिन जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान कॉटन खरीद कर लाने पड़ रहे हैं। रोजाना तीमारदार कॉटन लेने के लिए निजी केमिस्ट की दुकान में दौड़ लगाते हुए देखे जा सकते हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज में जब विशेषज्ञ किसी मरीज को भर्ती करता है। तो उसे वार्ड में तैनात स्टाफ नर्सें सबसे पहले कैनुला और आईबी सेट लाने के लिए कहती हैं क्योंकि वार्ड में यह सामान खत्म हो चुका है। तीमारदारों हेम राज, संजय कुमार, शम्मी कुमार, महिंद्र सिंह, सूरज कुमार और राकेश कुमार ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि मरीजों को मेडिकल कॉलेज में पेश आ रही असुविधाओं का शीघ्र समाधान किया जाए।
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अस्पताल में खत्म हुए कॉटन सहित अन्य सामान को उपलब्ध करवाने के लिए ऑर्डर दिया जा चुका है। जल्द सामान की सप्लाई हो सकती है। मरीजों की सुविधा के लिए प्रबंधन हरसंभव प्रयास कर रहा है। -डॉक्टर देवेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक मेडिकल कॉलेज।
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