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पहल: हिमाचल प्रदेश के इस स्कूल के बैंक में पैसे नहीं, दादा-दादी के अनुभव होंगे जमा: जानें विस्तार से

Sun, 26 Apr 2026 10:39 AM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा।
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा। Published by: Ankesh Dogra Updated Sun, 26 Apr 2026 10:39 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुलाल में तैनात राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक सुरेंद्र शर्मा ने ये अनूठी पहल की है। उन्होंने स्कूल में बुजुर्ग ज्ञान बैंक की शुरुआत की है। जानें विस्तार से...

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No Money in This Himachal School Bank Grandparents Experiences Will Be Deposited Know More
कुलाल स्कूल में खुले ज्ञान बैंक में मौजूद बुजुर्ग और विद्यार्थी। - फोटो : स्रोत : स्कूल प्रबंधन

विस्तार

दादा-दादी के जीवन भर के अनुभव अब बच्चों के लिए मार्गदर्शक बनेंगे। मोबाइल में ही व्यस्त रहने वाले बच्चे जब अपने बुुजुर्गों संग समय व्यतीत करेंगे तो मोबाइल से भी दूरी बना लेंगे। इसके साथ ही आने वाली पीढ़ी को अपनी विरासत, संस्कृति, क्षेत्र का इतिहास, लोकगीत, खेतीबाड़ी की जानकारी, त्योहर, घरेलू नुस्खे और बुजुर्गों के अनुभव का भी आभास होगा। 

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प्रदेश में पहली बार किसी विद्यालय में इस प्रकार की अनूठी पहल करते हुए बुजुर्ग ज्ञान बैंक स्थापित किया गया है। इसका मकसद पैसे एकत्रित करने के बजाय बुजुर्गों का ज्ञान एकत्रित करना है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुलाल में तैनात राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक सुरेंद्र शर्मा ने ये अनूठी पहल की है। प्रदेश में पहली बार किसी स्कूल में बुजुर्ग ज्ञान बैंक की शुरुआत हुई है। 
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बुजुर्ग ज्ञान बैंक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर पैसा नहीं, बच्चे अपने दादा-दादी के अनुभव लेकर जमा करेंगे। इसमें बच्चे उनसे उनके समय पांगी की संस्कृति, पांगी का नाम पांगी क्यों, कुलाल गांव के इतिहास के बारे में, लोकगीत, खेती करने की जानकारी, त्योहारों के बारे में, घरेलू नुस्खे, क्या शकुन-अपशकुन को सीखेंगे। बच्चे अपनी-अपनी कॉपी पर उनके अनुभवों को लिखेंगे।
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इससे बच्चे के भीतर अपने बुजुर्गों के प्रति इज्जत बढ़ेगी और अपनी संस्कृति को जानने का भी अवसर मिलेगा। व्यस्तता के चलते अकेले रहने वाले बुजुर्गों संग जब बच्चे बैठेंगे तो मोबाइल से भी दूरी बनाएंगे। राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुलाल में बुजुर्ग ज्ञान बैंक की शुरुआत के अवसर पर गांव के सबसे बुजुर्ग 5 व्यक्तियों को  आमंत्रित किया गया। इन बुजुर्गों को राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक सुरेन्द्र शर्मा ने सम्मानित किया। अध्यापक ने सभी बच्चों को इस बैंक की जानकारी दी। बैग फ्री डे के दौरान अध्यापक ने बच्चों को सड़क सुरक्षा के बारे में बताया। बच्चों को स्वच्छता का महत्व भी बताया। 

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