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Chamba News: चंबा-बैरागढ़-किलाड़ वाया सचे जोत मार्ग पर हुए हादसों से नहीं ली सीख
Sun, 31 May 2026 10:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 31 May 2026 10:48 PM IST
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मार्ग बहाली के बाद टारिंग का कार्य न होना भी वाहन दुर्घटनाओं की बन रहा वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चंबा-बैरागढ़-किलाड़ वाया सचे जोत मार्ग पर होने वाले हादसों से शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग सीख नहीं ले पाया है।
यही वजह है कि जब इस मार्ग पर वाहन दुर्घटना होती है तो प्रशासन और विभाग इतिश्री करने के लिए दुर्घटना की जांच तो बैठा देता है लेकिन दुर्घटना का कारण बनने वाली विभागीय कमियों को दूर करने से पीछे ही हटता नजर आता है। ताजा उदाहरण शुक्रवार को चंबा-बैरागढ़-किलाड़ वाया सचे जोत मार्ग देखने को मिला। टैक्सी वाहन दुर्घटना होने से कर्नाटक और बंगलूरू के पर्यटकों समेत चालक की मौत हो गई। बताया जा रहा है बारिश, धुंध, सड़क के किनारे पेड़ गिरा होने के अलावा सड़क की हालत भी काफी खस्ता है। मार्ग पर टारिंग का नामोनिशान नहीं मिलता है। अधिकांश जगह पैरापिट नहीं हैं। मार्ग पर कैंपर, बोलेरो और बड़े वाहन ही आवाजाही आसानी से कर पाते हैं। छोटे वाहनों के गुजरने पर वाहन को क्षति पहुंचने और दुर्घटना का अंदेशा बढ़ जाता है। मौके पर मौजूद ग्रामीण ये कहते सुने गए कि यदि मार्ग के किनारे पैरापिट होते तो बड़ा हादसा टल सकता था।
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अब तक मार्ग पर हुए बड़े हादसे
- 2022 में चंबा-बैरागढ़-किलाड़ वाया सचे जोत मार्ग पर सवारियों से भरी बस समेत चार वाहनों पर चट्टानें गिरने से एक की मौत और नौ लोग घायल हुए।
- 2022 में चंबा-पांगी मार्ग पर रानीकोट के पास धुंध के कारण गहरी खाई में कार गिरने से दंपती की मौत हो गई और एक घायल हो गया।
- 2022 में चंबा-पांगी मार्ग पर सतरुंडी के समीप हुई हादसे में बीमा की रिपोर्ट बनाने एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक घायल हुआ।
- 2022 में तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर दुमास में कार खाई में गिरने से व्यक्ति की मौत हुई थी।
कुल मिला कर साल 2022 में इस मार्ग पर विभिन्न दुर्घटनाओं में दस लोगों की मौत हुई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चंबा-बैरागढ़-किलाड़ वाया सचे जोत मार्ग पर होने वाले हादसों से शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग सीख नहीं ले पाया है।
यही वजह है कि जब इस मार्ग पर वाहन दुर्घटना होती है तो प्रशासन और विभाग इतिश्री करने के लिए दुर्घटना की जांच तो बैठा देता है लेकिन दुर्घटना का कारण बनने वाली विभागीय कमियों को दूर करने से पीछे ही हटता नजर आता है। ताजा उदाहरण शुक्रवार को चंबा-बैरागढ़-किलाड़ वाया सचे जोत मार्ग देखने को मिला। टैक्सी वाहन दुर्घटना होने से कर्नाटक और बंगलूरू के पर्यटकों समेत चालक की मौत हो गई। बताया जा रहा है बारिश, धुंध, सड़क के किनारे पेड़ गिरा होने के अलावा सड़क की हालत भी काफी खस्ता है। मार्ग पर टारिंग का नामोनिशान नहीं मिलता है। अधिकांश जगह पैरापिट नहीं हैं। मार्ग पर कैंपर, बोलेरो और बड़े वाहन ही आवाजाही आसानी से कर पाते हैं। छोटे वाहनों के गुजरने पर वाहन को क्षति पहुंचने और दुर्घटना का अंदेशा बढ़ जाता है। मौके पर मौजूद ग्रामीण ये कहते सुने गए कि यदि मार्ग के किनारे पैरापिट होते तो बड़ा हादसा टल सकता था।
अब तक मार्ग पर हुए बड़े हादसे
- 2022 में चंबा-बैरागढ़-किलाड़ वाया सचे जोत मार्ग पर सवारियों से भरी बस समेत चार वाहनों पर चट्टानें गिरने से एक की मौत और नौ लोग घायल हुए।
- 2022 में चंबा-पांगी मार्ग पर रानीकोट के पास धुंध के कारण गहरी खाई में कार गिरने से दंपती की मौत हो गई और एक घायल हो गया।
- 2022 में चंबा-पांगी मार्ग पर सतरुंडी के समीप हुई हादसे में बीमा की रिपोर्ट बनाने एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक घायल हुआ।
- 2022 में तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर दुमास में कार खाई में गिरने से व्यक्ति की मौत हुई थी।
कुल मिला कर साल 2022 में इस मार्ग पर विभिन्न दुर्घटनाओं में दस लोगों की मौत हुई है।